जिला अस्पताल की पानी की बोतल में मिला सांप का बच्चा, मरीजों और परिजनों में मची अफरा-तफरी
जिस पानी को मरीज के लिए सुरक्षित समझकर बोतल में भरा गया था, उसी के अंदर कुछ ऐसा रेंगता दिखा कि देखते ही लोगों की चीख निकल गई। पारदर्शी बोतल में सांप का बच्चा तैरता नजर आया तो अस्पताल के वार्ड में हड़कंप मच गया।

गुना/मध्य प्रदेश। जिला अस्पताल में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मरीज के अटेंडर द्वारा अस्पताल परिसर की टोंटी से भरी गई पानी की बोतल में सांप का बच्चा दिखाई दिया। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। पानी मरीज को पिलाने से पहले ही बोतल में सांप दिखाई देने से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम छीरखेड़ा निवासी देवेंद्र धाकड़ के परिजन जिला अस्पताल में उपचाररत हैं। मरीज के लिए पीने का पानी लेने अटेंडर अस्पताल परिसर स्थित शिव मंदिर के पास लगी टोंटी पर पहुंचे। उन्होंने पारदर्शी बोतल में पानी भरा और वार्ड में लौट आए। मरीज को पानी देने से पहले बोतल पर नजर पड़ते ही उन्हें उसके अंदर सांप का बच्चा रेंगता दिखाई दिया।
बोतल में सांप दिखाई देने की जानकारी मिलते ही अटेंडर घबरा गए और आसपास मौजूद लोगों को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते सर्जिकल वार्ड में मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ जमा हो गई। घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि पानी पीने से पहले ही सांप का बच्चा दिखाई दे गया।
मौके पर मौजूद फतेहगढ़ निवासी सुंदर सेन ने बोतल में मौजूद सांप का वीडियो बना लिया। वीडियो में पारदर्शी बोतल के अंदर सांप का बच्चा दिखाई दे रहा है। इसके बाद यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने लगा। घटना सामने आने के बाद जिला अस्पताल की पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सांप पानी की टंकी या पाइपलाइन के जरिए बोतल तक पहुंचा, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। आशंका जताई जा रही है कि अस्पताल की पानी की टंकी अथवा आपूर्ति पाइपलाइन में सांप पहुंचा हो सकता है। हालांकि सांप बोतल के अंदर किस तरह पहुंचा, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना के बाद अस्पताल की सफाई और पेयजल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मरीजों के परिजनों का कहना है कि सार्वजनिक पेयजल टोंटियों के आसपास कई जगह गंदगी और काई जमा रहती है तथा पानी की टंकियों की नियमित सफाई को लेकर भी शिकायतें सामने आती रही हैं।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से पानी की टंकियों, पेयजल स्रोतों और पाइपलाइन की तत्काल जांच कराने के साथ उनकी सफाई और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बोतल में मौजूद सांप पर समय रहते नजर नहीं पड़ती और वही पानी मरीज को पिला दिया जाता, तो गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।




