मुंबई में समंदर पर दौड़ेगी वॉटर मेट्रो, 11 नए जलमार्ग के साथ बनेंगे 24 नए टर्मिनल, सीएम फडणवीस का ग्रीन सिग्नल

मुंबई/एजेंसी। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में परिवहन के कई विकल्प हैं। इनमें बेस्ट की बसों के साथ लोकल ट्रेनें, मोनोरेल और मेट्रो की सुविधा है। ऐसे में जब मुंबई के अंदर पॉड टैक्सी को शुरू करने पर काम चल रहा है तब सरकार ने वॉटर मेट्रो दौड़ाने को भी हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधान भवन में जल आधारित परिवहन की समीक्षा बैठक ली। इसमें उन्होंने मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में जल आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर मेट्रो परियोजना तीन चरणों में लागू करने का निर्देश दिया। इस बैठक में राज्य के मत्स्य एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जहाज निर्माण के लिए राज्य में उपयुक्त जमीन चिन्हित करने पर भी जोर दिया। इस बैठक में बैठक में मत्स्य और बंदरगाह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय सेठी और महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वॉटर ट्रांसपोर्ट के लिए जरूरी सभी जहाज महाराष्ट्र के ही शिपयार्ड में बनाए जाएं। इतना ही नहीं गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। फडणवीस ने कहा कि यह देश के सबसे बड़े शिपयार्ड प्रोजेक्ट्स में से एक होगा। वॉटर मेट्रो से मुंबई से नवी मुंबई का सफर एक अनुमान के अनुसार सिर्फ 40 मिनट में पूरा होगा। नवी मुंबई में पिछले साल के आखिर में नया एयरपोर्ट शुरू हो चुका है।
मत्स्य और बंदरगाह विभाग और दूसरे विभाग के सहयोग से सरकार समंदर का इस्तेमाल परिवहन के लिए करना चाहती है। सरकार का अनुमान है कि अगर मुंबई में वॉटर मेट्रो शुरू होती है तो अगले पांच सालों में (2031 तक) हर साल 7.5 करोड़ यात्रियों के इस सेवा का उपयोग करेंगे। महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड इस परियोजना में 3,436 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि 207 इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड जहाजों के संचालन के लिए निजी कंपनियां करीब 3,156 करोड़ रुपये लगाएंगी। इसके तहत 11 नए जलमार्ग और 24 नए टर्मिनल विकसित करने की योजना है। ये जलमार्ग करीब 215 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेंगे। इसके अलावा 21 मौजूदा रूट्स और 20 टर्मिनलों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इस तरह कुल जलमार्ग नेटवर्क 340 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। एक वक्त पर नितिन गडकरी भी जल परिवहन के लिए प्रयास कर चुके हैं लेकिन कई प्रोजेक्ट चर्चा के बाद अटक गए थे, लेकिन मुंबई की स्थिति और जरूरत को देखते हुए वॉटर मेट्रो सफल रहने की संभावना अधिक है।

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