महंत की मठ में खड़ी गाड़ी को चार महीने से थाने में जब्त दिखाकर भेजा गया नोटिस
Notice was sent to the Mahant by showing that his car parked in the monastery was confiscated in the police station for four months

मुजफ्फरपुर/बिहार। मुजफ्फरपुर जिले में एक अजीब मामला सामने आया है। सकरा थाना क्षेत्र के बघनगरी स्थित राम जानकी मठ के पीठाधीश्वर महंत डॉ श्यामसुंदर दास को मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग , पटना ने एक नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि महंत की हुंडई अल्काजार कार (नंबर BR06PF2627) को शराब से जुड़े मामले में चार महीने पहले जब्त किया गया था। वहीं, महंत ने इस दावे को गलत बताया है और कहा है कि उनकी गाड़ी मठ में ही खड़ी है।
महंत डॉ श्यामसुंदर दास का कहना है कि उनकी गाड़ी हमेशा मठ में ही रहती है। यहां तक कि उनका ड्राइवर भी बिना इजाजत उसे नहीं चलाता। उन्हें शक है कि किसी ने उनकी गाड़ी के नंबर की नकल करके गलत काम किया है ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके। महंत को न्यायालय से नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि वे अपने वकील के माध्यम से जवाब देंगे और न्यायालय में पेश होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह साजिश साबित होती है तो वे दोषियों पर मानहानि का मुकदमा करेंगे।
महंत डॉ श्यामसुंदर दास ने कहा कि उनकी उक्त गाड़ी तो अब भी उनके मठ परिसर में खड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि उनका गाड़ी कभी किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु नहीं दिया जाता, यहां तक कि उनका ड्राइवर भी बिना अनुमति उसे नहीं चलाता है।
दूसरी ओर इस घटना से स्थानीय लोग हैरान हैं। उनका कहना है कि शराबबंदी कानून से समाज में बदलाव आया है, लेकिन अब निर्दोष लोगों को फंसाने की घटनाएं चिंताजनक हैं। लोगों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और असली दोषियों को पकड़ने की मांग की है।




