कोतवाली गेट पर धरने के दौरान हंगामा, पुलिस से अभद्रता करने के आरोप में लेखपालों पर मुकदमा दर्ज
वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार, चार नामजद समेत 10 अज्ञात पर गंभीर धाराओं में केस; विभागीय कार्रवाई पर उठे सवाल

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। मंझनपुर कोतवाली के मुख्य गेट पर धरने के दौरान हुए विवाद ने जिले में तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार नामजद लेखपालों समेत 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोकसेवकों के साथ अभद्रता करने और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद राजस्व विभाग की भूमिका और संभावित विभागीय कार्रवाई को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, लेखपालों का एक समूह मंझनपुर कोतवाली के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठा था। आरोप है कि धरने के दौरान कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों के आवागमन में बाधा उत्पन्न की गई, जिससे ड्यूटी प्रभावित हुई। पुलिस का यह भी कहना है कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें धरने में शामिल एक व्यक्ति मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान थाना प्रभारी के लिए कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करता नजर आ रहा है। पुलिस ने इस वीडियो को संज्ञान में लेते हुए अन्य साक्ष्यों के साथ जांच में शामिल किया और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, जांच के आधार पर लेखपाल प्रदीप, प्रमोद, अवधेश और राजन को नामजद करते हुए कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें 10 अज्ञात आरोपी भी शामिल हैं। सभी के विरुद्ध विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इस प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में धरने में शामिल बताए जा रहे लेखपाल प्रदीप के खिलाफ पप्पू सरोज की ओर से न्यायालय के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में अलग मुकदमा दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
घटना के बाद जिले में यह सवाल भी उठने लगे हैं कि जब सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, तो क्या राजस्व विभाग अपने स्तर पर विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। फिलहाल इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, घटना के बाद कोतवाली परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।




