ड्यूटी से गैरहाजिरी पर रिपोर्ट लगाने से नाराज दो पुलिसकर्मियों ने दरोगा को धमकाया, निलंबित
आगरा में दरोगा को सिपाहियों द्वारा धमकाने का मामला सामने आया है। ड्यूटी पर तैनात दोनों सिपाही मौके से नदारद मिले, जिसकी जानकारी दरोगा ने वॉट्सऐप ग्रुप पर डाल दी, जिससे दोनों सिपाही नाराज हो गए।

आगरा,उत्तर प्रदेश। थाना एत्माद्दौला की रामबाग चौकी में ड्यूटी से गैरहाजिर मिले दो पुलिसकर्मियों की रपट दर्ज करने पर दरोगा को कथित तौर पर धमकाने और अभद्रता करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने चौकी पहुंचकर दरोगा से विवाद किया और उन्हें धमकाते हुए कहा कि वह चुपचाप अपनी नौकरी करें और ज्यादा थानेदार बनने की कोशिश न करें। विवाद बढ़ने पर चौकी में मारपीट की स्थिति बन गई, जिसके बाद साथी पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
मामला 12 सितंबर का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, रामबाग चौराहे पर आरक्षी नरोत्तम सिंह और आयुष चौधरी की ड्यूटी लगाई गई थी। ड्यूटी के दौरान दरोगा कुलदीप कुमार ने दोनों पुलिसकर्मियों को निर्धारित स्थान पर तलाश किया, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं मिले। इसके बाद दरोगा ने दोनों की गैरहाजिरी की जानकारी पुलिस के वॉट्सऐप ग्रुप में साझा करने के साथ रपट दर्ज कर दी।
रपट दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद दोनों पुलिसकर्मी रामबाग चौकी पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने दरोगा कुलदीप कुमार से विवाद शुरू कर दिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए हड़काया। दरोगा ने दोनों को समझाने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन मामला बढ़ता गया।
पुलिस के अनुसार, चौकी में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और मारपीट की नौबत आ गई। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। घटना के बाद दरोगा कुलदीप कुमार के भावुक होकर रोने की बात भी सामने आई है। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा से की।
एसीपी छत्ता ने मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई। मामला डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के संज्ञान में पहुंचने के बाद दोनों आरक्षियों को निलंबित कर दिया गया।
डीसीपी सिटी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले में विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।




