बागपत में पुराने वाहनों पर सख्ती, आईएएस के पिता का स्कूटर और एडीओ की बाइक भी जब्त

बागपत में ओवरएज वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग और पुलिस ने अभियान चलाया। इस अभियान में नियम तोड़ने वाले कई वाहन जब्त किए गए हैं। एक आईएएस अधिकारी के पिता का तीस साल पुराना स्कूटर भी जब्त किया गया।

बागपत,उत्तर प्रदेश। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में निर्धारित आयु सीमा से अधिक पुराने वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध के तहत बागपत में परिवहन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार और शुक्रवार को जिले में चले अभियान के दौरान कई ओवरएज वाहनों को जब्त किया गया। कार्रवाई की जद में एक आईएएस अधिकारी के पिता का करीब 30 वर्ष पुराना स्कूटर और एक सहायक विकास अधिकारी की पुरानी मोटरसाइकिल भी आई।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बैठक में एनसीआर में प्रतिबंधित आयु सीमा से अधिक पुराने वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिलेभर में परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने चेकिंग अभियान शुरू किया। बागपत कस्बे में गुरुवार और शुक्रवार को की गई कार्रवाई के दौरान स्कूटर, मोटरसाइकिल और अन्य वाहन जब्त किए गए।
अभियान के दौरान बागपत कस्बे से करीब 30 वर्ष पुराना एक स्कूटर भी जब्त किया गया। परिवहन विभाग के मुताबिक, वाहन तमीम अख्तर के नाम पर पंजीकृत पाया गया। तमीम अख्तर पेशे से टेलर हैं और बागपत कस्बे में रहते हैं। बताया गया कि वह लंबे समय से इसी स्कूटर का इस्तेमाल कर रहे थे। इसी कार्रवाई के दौरान एक सहायक विकास अधिकारी की पुरानी मोटरसाइकिल भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई।
एआरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध है। निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके वाहन सड़कों पर चलते पाए जाने पर उन्हें सीज किया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर चेकिंग कर ऐसे वाहनों की पहचान की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर मौके पर ही कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि बैठक में पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिलेभर में चेकिंग अभियान चलाकर निर्धारित आयु सीमा से अधिक पुराने वाहनों को जब्त किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति और न्यायालय के निर्देशों के मद्देनजर यह अभियान चलाया जा रहा है।
परिवहन विभाग की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले पुराने वाहनों के मामले में वाहन मालिक की पहचान या पद के आधार पर कोई अलग छूट नहीं दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले ओवरएज वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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