अटारी-वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजर के सैल्यूट का भारतीय अधिकारी ने नहीं दिया जवाब, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अटारी वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारी को सैल्यूट करते पाकिस्तानी रेंजर का वीडियो सोशल मीडिया में चर्चा में है। इस वीडियो को लेकर पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स सवाल उठा रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि भारतीय अधिकारी ने जवाब में सैल्यूट क्यों नहीं किया। अब इसका जवाब एक पाकिस्तानी यूजर ने दिया है।

इस्लामाबाद/एजेंसी। अटारी-वाघा सीमा पर शूट किया गया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एक पाकिस्तानी सैनिक भारतीय सेना के अधिकारी को सैल्यूट करता दिखाई देता है, जबकि जवाब में भारतीय अधिकारी सिर हिलाकर अभिवादन करते नजर आते हैं। इस दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
कुछ पाकिस्तानी यूजर्स का कहना है कि सैन्य परंपरा के अनुसार भारतीय अधिकारी को भी सैल्यूट कर जवाब देना चाहिए था। इसी बीच एक पाकिस्तानी यूजर मलिक अनवर ने इस आलोचना का जवाब देते हुए अलग दृष्टिकोण पेश किया है। उन्होंने वीडियो साझा करते हुए कहा कि पेशेवर सेनाओं में इस तरह का व्यवहार सामान्य है और वरिष्ठ अधिकारी कई बार सिर हिलाकर या मौखिक रूप से भी अभिवादन करते हैं।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि केवल औपचारिक सैल्यूट ही सम्मान का एकमात्र तरीका नहीं होता, बल्कि इस तरह के सहज व्यवहार से जवानों का मनोबल भी बढ़ता है। उन्होंने दोनों सैनिकों के आचरण को पेशेवर और मर्यादित बताया।
सैन्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के बीच हर मौके पर औपचारिक सलामी का आदान-प्रदान अनिवार्य नहीं होता। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सैन्य परंपराओं के तहत सलामी आमतौर पर विशेष अवसरों जैसे संयुक्त सीमा समारोह, ध्वज बैठक या उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान दी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्रोटोकॉल का उद्देश्य अनुशासन बनाए रखना और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना होता है। वायरल वीडियो के बीच यह घटना दोनों देशों की सेनाओं के बीच पेशेवर व्यवहार की एक झलक के रूप में देखी जा रही है।




