फिर खेल कर रहा बांग्लादेश? भारत विरोधी पत्रकार को बनाया दिल्ली में डिप्लोमैट
बांग्लादेश की तारिक रहमान की सरकार भारत में ऐसे प्रेस सेक्रेटरी नियुक्त कर रही है, जिनके मन में भारत के प्रति गहरी नफरत है। उन्होंने दिल्ली में सैदुर रहमान और कोलकाता में उम्मे मारुफा को नॉमिनेट किया है।

ढाका/एजेंसी। बांग्लादेश सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित उच्चायोग में सैदुर रहमान को प्रेस मिनिस्टर नियुक्त किए जाने के फैसले ने राजनयिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। रहमान पूर्व में सोशल मीडिया पर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते रहे हैं, जिससे इस नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। वहीं, ढाका से कोलकाता भेजी जा रहीं पत्रकार उम्मे मारूफा को लेकर भी इसी तरह की चर्चाएं सामने आई हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, सैदुर रहमान ने अतीत में 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भारत की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और युद्ध अपराधी एटीएम अजहरुल इस्लाम की रिहाई की मांग भी कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार इस नियुक्ति पर नजर बनाए हुए है और अब तक इसे औपचारिक मंजूरी नहीं दी गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में बांग्लादेश के एक वरिष्ठ अधिकारी जाहिद उर रहमान की भारत यात्रा के दौरान राजनयिक विवाद हुआ था। उन्हें दिल्ली हवाई अड्डे पर उनके पूर्व विवादास्पद बयानों के सत्यापन के लिए रोका गया था, जिसके बाद वे नाराज होकर लौट गए थे।
सैदुर रहमान वर्तमान में बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘डेली इत्तेफाक’ में राजनीतिक और चुनाव मामलों के संपादक हैं। उनकी नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें उन्होंने भारत पर बांग्लादेश को अस्थिर करने के आरोप लगाए हैं। एक पोस्ट में उन्होंने 1971 के स्वतंत्रता संग्राम को पूरी तरह बांग्लादेश का आंतरिक संघर्ष बताते हुए भारत की भूमिका को खारिज किया था।
भारत और बांग्लादेश के संबंध पिछले दो वर्षों से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद अंतरिम प्रशासन के प्रमुख मोहम्मद युनूस के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंधों में तनाव देखा गया। हालांकि इस वर्ष फरवरी में प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने के संकेत दिए थे, लेकिन हालिया नियुक्तियों से इन प्रयासों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।




