मनरेगा घोटाले का आरोप: ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान व पंचायत मित्र के पति पर लगाए गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

संवादाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। जनपद के धाता ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रतनपुर में मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत मित्र के पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2026-27 तक मनरेगा के तहत वीरन तालाब, ओड़की तालाब, महदेउना तालाब तथा विजरा तालाब की खुदाई कराई गई। आरोप है कि ग्राम प्रधान गायत्री देवी और पंचायत मित्र अनीता देवी के कार्यकाल में पंचायत मित्र स्वयं कभी कार्यस्थल पर नहीं गईं, बल्कि उनके पति रामसूरत सिंह ही पूरे कार्यों का संचालन करते रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों ने कभी मनरेगा में कार्य नहीं किया, उनके नाम से जॉब कार्ड बनवाए गए और उनके बैंक खातों में मजदूरी का पैसा डलवाकर सहज सेवा केंद्रों के माध्यम से निकाल लिया गया। आरोप के अनुसार संबंधित खाताधारकों को मात्र 300 रुपये देकर बाकी रकम खुद रख ली गई।
यह भी आरोप लगाया गया है कि मनरेगा के धन का दुरुपयोग कर जमीन खरीदी गई और दोमंजिला मकान का निर्माण कराया गया। इसके अलावा, ऐसे लोगों के नाम मास्टर रोल में दर्ज कर उनकी फर्जी हाजिरी लगाई गई, जिन्होंने कभी काम ही नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार मनरेगा का अधिकांश धन हड़प लिया गया, जिससे गांव का विकास प्रभावित हुआ।
हालांकि, इस संबंध में ग्राम सचिव दीपक राय ने सभी आरोपों को निराधार और गलत बताया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।




