जयकारों से गूंजी त्रिकुटा पहाड़ियां, महाशिवरात्रि पर कटड़ा से भवन तक ‘बम भोले’ के जयघोष

महाशिवरात्रि पर्व पर कटड़ा के प्रसिद्ध शिव दर्शन मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

कटड़ा/जम्मू। पवित्र महाशिवरात्रि पर्व पर आधार शिविर कटड़ा से लेकर श्री माता वैष्णो देवी भवन तक पूरा क्षेत्र ‘बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ विभिन्न मंदिरों में उमड़ पड़ी। भवन परिसर स्थित प्राचीन शिव गुफा में भक्तों ने माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना कर मनोकामनाएं मांगीं।
कटड़ा के प्रमुख धार्मिक स्थलों—शिव दर्शन मंदिर, ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर, टी-गार्डन मंदिर, बिजली घर मंदिर, नौ देवियां स्थल और गांव लेहनू स्थित आप शंभू मंदिर—में दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल-फूल आदि अर्पित कर जलाभिषेक व रुद्राभिषेक किया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और शिव विवाह की स्तुतियां प्रस्तुत की गईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
विशेष आकर्षण का केंद्र बाबा धनसर धाम रहा, जहां महाशिवरात्रि पर करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। पवित्र झील परिसर में शिवलिंग को भव्य रूप से सजाया गया, जबकि शिव-पार्वती की झांकी ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। बाबा धनसर मंडली कटड़ा द्वारा वार्षिक तीन दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत 14 फरवरी को हुई और 16 फरवरी तक लगातार लंगर चलता रहा।
24 घंटे संचालित इस लंगर में श्रद्धालुओं को चाय, दूध, दही और भोजन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। मंडली के सदस्यों भूषण कुमार, रवि नाग, रविंद्र शर्मा, गोपाल पादा, पप्पू पराशर, राकेश अरोड़ा, भारत सादोत्रा, पंडित देवदत्त ने बताया कि वर्ष 1978 में कटड़ा के बुजुर्गों द्वारा शुरू की गई यह सेवा परंपरा आज भी निरंतर जारी है। कटड़ा और आसपास के धार्मिक स्थलों पर भी विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा भंडारों का आयोजन किया गया।
श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की गई, जिससे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि के अवसर पर माता वैष्णो देवी यात्रा पर आए श्रद्धालु भवन में दर्शन के साथ भगवान शिव की आराधना करते नजर आए। दिनभर जयकारों और घंटानाद से गूंजता कटड़ा देर रात तक शिव भक्ति में डूबा रहा।

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