फर्रुखाबाद में गंगा उफान पर, खतरे के निशान से 10 सेमी दूर; 30 गांव प्रभावित, स्कूल बंद
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 10 सेमी नीचे है, जिससे 30 गांव और बदायूं मार्ग पर पानी भर गया है। बाढ़ के कारण 38 स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे 2500 बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है, और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।

फर्रुखाबाद/उत्तर प्रदेश। पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश के चलते नरौरा बांध से बड़े पैमाने पर छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। मंगलवार को जलस्तर 137.00 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 137.10 मीटर है।
बाढ़ के कारण जिले के करीब 30 गांव और उनके संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकोट गांव के पास सड़क के ऊपर से करीब 20 सेंटीमीटर पानी बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। हालांकि अभी बड़े वाहन गुजर रहे हैं, लेकिन बाइक सवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी साइलेंसर में भरने से कई बाइकें रास्ते में बंद हो गईं। प्रशासन द्वारा जल्द ही इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकने की संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले पांच वर्षों में इस डिप पर डूबने से आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
जलभराव की स्थिति को देखते हुए 38 परिषदीय विद्यालयों को बंद कर दिया गया है, जिससे 2500 से अधिक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए कई गांवों के लोग अपनी गृहस्थी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं, जबकि कुछ परिवार सड़क किनारे अस्थायी झोपड़ियां बनाकर रहने को मजबूर हैं।
नरौरा बांध से 1,24,173 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 97,717 क्यूसेक और हरिद्वार बैराज से 97,414 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति और गंभीर होने की संभावना है। तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी भरने से कई स्थानों पर लोगों को नाव के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं, जहां अब तक 180 प्रभावित लोग पहुंच चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की एक टीम और फ्लड पीएसी की एक कंपनी तैनात की गई है। इसके अलावा 53 स्वयंसेवी गोताखोरों को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।




