द्वारका के बाबा हरिदास नगर थाने के लॉकअप में हुई शख्स की मौत

नई दिल्ली। बाबा हरिदास नगर पुलिस थाने के लॉकअप में एक डीटीसी कर्मचारी की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि राहुल यादव (32) ने 6 दिसंबर की शाम को अपने साथ लूटपाट की कोशिश का आरोप लगाया था और पीसीआर कॉल की थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को राहुल शराब के नशे में मिले। उसके बाद उन्हें थाने में लाया गया। मेडिकल जांच भी कराई गई, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई है। हालांकि गुरुवार सुबह राहुल के परिजनों को उनकी मौत की खबर मिली। राहुल की मां ने पुलिस वालों पर आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। पोस्टमॉर्टम के लिए डॉक्टरों का बोर्ड बनाया जा रहा है। डीसीपी एम हर्षवर्धन का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी के मुताबिक राहुल यादव अपने परिवार के साथ गोपाल नगर नजफगढ़ इलाके में रहते थे। वह रोहिणी स्थित डीटीसी डिपो में नौकरी करते थे। परिवार में मां, पत्नी और दो छोटे बेटे है। उनके पिता का देहांत हो चुका है। दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि एक छोटा भाई नजफगढ़ इलाके में रहता है। मां राहुल के साथ ही रहती थी। पुलिस अधिकारी के मुताबिक 6 दिसंबर की शाम राहुल ने पीसीआर कॉल कर लूट की कोशिश का आरोप लगाया था। पीसीआर वैन उनके पास पहुंची तो राहुल ने अपने साथ ही डीटीसी में काम करने वाले कर्मचारी आजाद और उसके साथियों पर लूटपाट और मारपीट की कोशिश का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि राहुल खुद ही शराब के नशे में पाया गया। राहुल को लेकर आईओ उनका मेडिकल जांच के लिए गए, जहां पर उनके खून में 172 एमजी/100 एमएल अल्कोहल पाई गई।डॉक्टरों ने उनके बाएं पैर में चोट लगने की बात भी कही।
वहीं देर रात पुलिस आजाद के बारे में पता कर रही थी। लेकिन वह नहीं मिला। राहुल भी शराब के नशे में थे। उसे छोड़े जाने पर मामला बढ़ सकता था। इसलिए राहुल को आईओ के कमरे के पास ही पुलिस स्टेशन में रखा गया। रात करीब एक बजे उनकी मां भी वहां पर मिलने आई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात की। आरोपियों को सुबह में पकड़ने का प्लान बनाया गया। 7 दिसंबर की सुबह करीब 5:30 बजे राहुल को जगाने की कोशिश की गई। लेकिन वह उठा नहीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम के लिए डॉक्टरों का बोर्ड बनाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
एक साल पहले भी पुलिस ने छोड़ने के लिए थे 50 हजार
राहुल की मां ने बताया कि उनके बेटे की ड्यूटी रोहिणी डिपो में रात 9:00 से लेकर सुबह 5:30 बजे तक रहती है। वह शाम 6 दिसंबर की शाम करीब 7:00 ड्यूटी के लिए निकले थे। राहुल की पत्नी भी फोन कर रही थी। मगर राहुल उठा नहीं रहे थे। रात करीब 11 बजे थाने से फोन आया कि राहुल थाने में बंद है। वह थाने पहुंची राहुल से बात भी की। राहुल ने शराब पीने की बात से भी इंकार किया। फिर सुबह राहुल की मौत की खबर आई। राहुल की मां का आरोप है कि आरोपी पुलिसवालों के साथ मिले हुए है। एक साल पहले भी पुलिस राहुल को पकड़ कर ले गई थी और 50 हजार रुपये लेने के बाद ही छोड़ा था।




