मंडोली जेल से गैंगस्टर छेनू पहलवान ने दिया था गवाह की हत्या का हुक्म
स्पेशल सेल ने 3 शूटरों को पकड़ा

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। हत्या के एक मामले में चश्मदीद गवाह को मारने की साजिश रच रहे यमुनापार के कुख्यात गैंगस्टर इरफान उर्फ छेनू पहलवान के तीन शूटर को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। मंडोली जेल में बंद छेनू ने फोन कर तीनों को एक गवाह को मारने का निर्देश दिया था। जेल में फोन चलाने पर उसके फोन के इंटरसेप्शन से सेल को साजिश का पता लग गया, जिससे पुलिस ने तीनों बदमाश को गिरफ्तार कर छेनू की योजना पर पानी फेर दिया। इनमें एक बदमाश के पास से सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 कारतूस बरामद किए गए हैं। बाद में पुलिस ने इस मामले में जेल में बंद छेनू को भी गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी अमित गोयल के मुताबिक गिरफ्तार किए गए शूटरों के नाम अदीब, उस्मान व फरमान है। अदीब उर्फ जाफराबादी, चौहान बांगर का रहने वाला है। उसने पहले कपड़े की दुकान में पार्ट टाइम नौकरी शुरू की और बाद में जींस पैंट पर मेटल बटन लगाने का खुद का बिज़नेस शुरू किया। इसी दौरान वह स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आया। अपने दोस्त इकबाल बबलू के जरिए वह छेनू पहलवान गिरोह के संपर्क में आया। छेनू के कहने पर उसने हत्या करने के लिए पिस्टल व कारतूस के अलावा दो शूटर फरमान और आमिर का बंदोबस्त किया था। हत्या करने के लिए उसने दोनों को एडवांस पेमेंट भी किया था। उस्मान, न्यू सीलमपुर का रहने वाला है और 15 साल से छेनू के परिवार में ड्राइवर और हेल्पर का काम कर रहा है। वह छेनू के नियमित संपर्क में था और कोर्ट की तारीखों पर छेनू से मिलने कोर्ट भी जाता था। उसे छेनू ने पैसे का इंतजाम करने और एक स्थानीय चाय विक्रेता के जरिए अदीब को देने का निर्देश दिया था।
फरमान, ब्रह्मपुरी का रहने वाला है। वह कई साल पहले अदीब से नशा मुक्ति सेंटर में मिला था। सेंटर से बाहर आने के बाद वह अदीब के नियमित संपर्क में था। दोनों साथ में ड्रग्स लेते थे। हाल ही में अदीब ने उससे संपर्क कर बताया कि वह छेनू के कहने पर हत्या की प्लानिंग कर रहा है। इसके लिए उसे हथियार और पैसे मिल चुके हैं। फरमान भी इसमें शामिल हो चुका है। अदीब ने उसे पांच कारतूस दिए।
एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट व इंस्पेक्टर सुनील तेवतिया के नेतृत्व में सेल की टीम को 24 जनवरी को सूचना मिली कि छेनू गिरोह का बदमाश जेपीसी अस्पताल, शास्त्री पार्क के पास आने वाला है। वहां से पुलिस टीम ने अदीब को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक सेमी-आटोमैटिक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि उक्त हथियार छेनू के आदेश पर हत्या के लिए खरीदा गया था, जो मंडोली जेल में बंद है। अदीब ने दो साथी फरमान और आमिर का भी नाम बताया, जिन्हें इस साजिश में शामिल किया गया। जांच में एक जटिल लाॅजिस्टिक्स का पता चला। ऑपरेशन को फंड देने के लिए सीलमपुर में एक स्थानीय चाय की दुकान के माध्यम से टोकन मनी का नकद भुगतान किया गया था।





