अमरनाथ यात्रा में फर्जी पंजीकरण और अधिक वसूली करने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

श्रीनगर/एजेंसी। श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को बालटाल बेस कैंप पहुंचे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि बाबा बर्फानी के भक्तों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा के प्रत्येक चरण को सुरक्षित, सुगम और बाधारहित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने फर्जी पंजीकरण और श्रद्धालुओं से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ बिना किसी अपवाद के तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बेस कैंप अस्पताल, ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण केंद्र, टेंट, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद उपराज्यपाल ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड, प्रशासन, पुलिस, सेना और अन्य सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय ही यात्रा की सफलता की कुंजी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंजीकरण से लेकर आवास, यात्रा मार्ग, स्वास्थ्य सेवाओं और दर्शन तक हर व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपराज्यपाल ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा केवल आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बढ़ती यात्री संख्या से स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों, टट्टू मालिकों, पालकी सेवा प्रदाताओं और अन्य छोटे व्यवसायियों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों, चिकित्सकों, लंगर सेवा में लगे स्वयंसेवकों और अन्य सेवा प्रदाताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी निस्वार्थ सेवा ही यात्रा की वास्तविक ताकत है।
उन्होंने यात्रा मार्ग की स्वच्छता व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराने, 24 घंटे निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने और आरओ वाटर प्वाइंट्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी फीडबैक प्रणाली लागू की गई है। बालटाल और चंदनवाड़ी में स्थापित 100-100 बेड वाले अस्पताल पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं, जहां प्रतिदिन औसतन 1300 से 1400 ओपीडी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। ये अस्पताल श्रद्धालुओं के साथ-साथ यात्रा ड्यूटी में तैनात कर्मियों को भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने देशभर के श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन और श्राइन बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी असुविधा की स्थिति में निकटतम कैंप निदेशक या सुरक्षा कर्मियों से संपर्क करें, जिससे उन्हें तत्काल सहायता मिल सके। उन्होंने श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि यह यात्रा आध्यात्मिक अनुभव के साथ आत्मबोध का भी अवसर है। उन्होंने बताया कि आठवें दिन तक लगभग 1.70 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

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