मारा गया एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली गणेश उइके

2013 में की थी 32 कांग्रेस नेताओं की हत्या

जगदलपुर/छत्तीसगढ़। बस्तर इलाके में जिस नक्सली गणेश उइके का का खौफ रहता था जवानों ने उसका एनकाउंटर किया है। ओडिशा में गुरुवार को एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान में खूंखार माओवादी कमांडर गणेश उइके मारा गया। गणेश सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वह छत्तीसगढ़ के कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था। झीरम घाटी हत्याकांड का भी वह मास्टरमाइंड था।
गणेश उइके को कंधमाल-गंजम जिले की सीमा पर घने राम्पा जंगल इलाके में ओडिशा पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने संयुक्त ऑपरेशन में मार गिराया है। जवानों को इनपुट मिला था कि नक्सली के बड़े लीडर की मूवमेंट होने वाली है जिसके बाद संयुक्त सुरक्षा बल टीम ने अभियान शुरू किया था।
40 साल से ज्यादा समय से एक्टिव
सुरक्षाबल के जवानों ने बताया कि गणेश उइके लगभग चार दशकों से माओवादी आंदोलन में सक्रिय था। उसकी गिनती देश के सबसे मोस्ट वांडेट माओवादी नेताओं में से एक था। वह मूलरुप से तेलंगाना के नलगोंडा जिले का रहने वाला था। पहले प्रतिबंधित संगठन की केंद्रीय समिति में शामिल किया गया था। वह संगठन के भीतर उसके रणनीतिक भूमिका में रहता था।
गणेश उइके छत्तीसगढ़ में 2013 के झीरम घाटी नरसंहार का मास्टरमाइंड था। इस हमले में कांग्रेस के सीनियर नेताओं समेत कुल 32 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा वह कई राज्यों में कई हाई-प्रोफाइल माओवादी हमलों में शामिल था। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आने के बाद से वह ओडिशा के कंधमाल क्षेत्र में काम कर रहा था। वह गुरिल्ला एक्टिविटी का समन्वय कर रहा था और माओवादी नेटवर्क को मजबूत करता था।
माओवादी रैंकों में, उसे पी हनुमंता के नाम से जाना जाता था। इसी मुठभेड़ में, दो महिला कैडरों सहित चार माओवादियों को भी मार गिराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी मारे गए माओवादियों के शव मुठभेड़ स्थल से बरामद कर लिए गए हैं। ओडिशा पुलिस के डीआईजी नक्सल ऑपरेशंस अखिलेश्वर सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और अतिरिक्त माओवादी कैडरों की उपस्थिति की संभावना को खत्म करने के लिए इलाके में आगे तलाशी अभियान जारी हैं। गणेश उइके की मौत को माओवादी नेतृत्व संरचना के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार कहा है कि मार्च 2026 तक देश से वामपंथी उग्रवाद का खतरा खत्म कर दिया जाएगा।

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