महाराष्‍ट्र में बांध प्रभावित किसानों का मंत्रालय में हल्‍ला-बोल, सुरक्षा जाल पर कूद-फांद

मुंबई,(एजेंसी)। अपर वर्धा परियोजना से प्रभावित किसानों ने मंगलवार को मंत्रालय के सुरक्षा जाल पर कूदकर विरोध प्रदर्शन किया। लगभग 20 से 25 क‍िसान सुरक्षा जाल को पार कर गए और सरकार से ‘हमें न्याय दो’ की मांग की। इस दौरान मंत्रालय में क‍िसानों ने जमकर हंगामा मचाया। चूंकि कई मंत्री अपने केबिन में बैठे थे। वे भी अपनी कुर्सियां छोड़कर मौके पर पहुंचे। लोक निर्माण मंत्री दादाजी भुसे ने बीच-बचाव की कोशिश की। तब तक पुलिस ने भी हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। दरअसल संबंधित बांध पीड़ित पिछले कई दिनों से न्याय की मांग कर रहे थे। इसके लिए वे अमरावती में प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन जब शासन-प्रशासन ने उनकी ओर से आंखें मूंद लीं तो चिंतित किसानों ने आक्रामक रुख अपना लिया और सीधे मंत्रालय में ही विरोध प्रदर्शन किया।
दरअसल मोर्शी तालुका में ऊपरी वर्धा बांध के गेट एक साथ खुलने के कारण बांध के पास स्थित सिंभोरा, भम्बोरा, येवती गांवों के किसानों की 100 एकड़ से अधिक भूमि में हर साल बाढ़ आती है। मोसंबी की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो जाती हैं। किसान पिछले 15 सालों से संघर्ष कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से आंदोलन चल रहा है लेकिन जब कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा था तो नाराज किसानों ने सीधे मंत्रालय से संपर्क किया।
पिछले 15 सालों से इस जमीन का मुआवजा और भूमि अधिग्रहण की मांग को लेकर किसान कई बार सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास कर चुके हैं। लेकिन सरकार ने आंखें मूंद ली। इसलिए अगले कदम के तौर पर बांध पीड़ितों ने सीधे मंत्रालय में ही विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार दोपहर करीब 3:00 बजे 20 से 25 प्रदर्शनकारी मंत्रालय के सुरक्षा घेरे को पार कर गए और नारे लगाए, “हमें न्याय दो… हमें न्याय दो। किसी को तुरंत इस बात का अंदाजा नहीं था कि वास्तव में क्या हो रहा है। लेकिन जैसे ही हुआ, मंत्रालय में भागदौड़ शुरू हो गई। मंत्रालय के मंत्री भी मौके पर पहुंचे। तब तक पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button