ग्रेटर नोएडा में पुलिस पर वकील की पिटाई का आरोप, दो एसआई समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच के आदेश

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख कोतवाली क्षेत्र में पुलिस पर एक अधिवक्ता और उनके परिवार के साथ अभद्रता व मारपीट करने के आरोप लगे हैं। इस घटना से नाराज अधिवक्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी सेंट्रल ने दो सब इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है और जांच एसीपी को सौंप दी गई है।
अधिवक्ता अमित राणा और नीरज भाटी के अनुसार सूरजपुर स्थित न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता फरीद अहमद अपने परिवार के साथ ककराला गांव में रहते हैं। आरोप है कि शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे चार पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और अधिवक्ता व उनके परिवार के साथ अभद्रता की। बताया जा रहा है कि फरीद अहमद की पिटाई करने के बाद उन्हें बिसरख कोतवाली ले जाकर बंद कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर रविवार सुबह जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी और सचिव शोभाराम चंदीला अन्य अधिवक्ताओं के साथ बिसरख कोतवाली पहुंचे। अधिवक्ताओं ने अवैध हिरासत में रखे गए वकील को छुड़ाया और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त पवन कुमार ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता की भाभी के साथ भी अभद्रता की और उनके कपड़े फाड़ दिए, जिससे उनके हाथ में चोट आई। साथ ही मोबाइल फोन छीनने की भी कोशिश की गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि घायल अधिवक्ता का मेडिकल कराने में भी देरी की गई। अधिवक्ता अमित राणा ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो अधिवक्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे और पुलिस आयुक्त का घेराव करेंगे।
इस मामले में एडीसीपी सेंट्रल आर.के. गौतम ने बताया कि मामला एक अपहरण केस की जांच से जुड़ा है। एक युवती की शादी गाजियाबाद के युवक से तय हुई थी, जबकि दिल्ली का एक युवक उससे एकतरफा प्रेम करता था और शादी के लिए दबाव बना रहा था। आरोप है कि उस युवक ने लड़की के मंगेतर का अपहरण कर अपने साथियों के साथ मारपीट की और उसे दिल्ली बॉर्डर पर फेंक दिया। इस मामले में बिसरख थाने में अपहरण का केस दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी को पकड़ लिया गया था और उसके सहयोगी, जो अधिवक्ता का भाई बताया जा रहा है, को पकड़ने के लिए पुलिस उनके घर पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान अधिवक्ता ने दरवाजा बंद कर आरोपी को भगा दिया, जिससे पुलिस और उनके बीच झड़प हो गई। डीसीपी सेंट्रल ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए दो सब इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच एसीपी फर्स्ट को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



