नोएडा में 68 वर्षीय बुजुर्ग के माथे से 10 साल बाद मिटा दुष्कर्म का कलंक, अदालत ने किया बरी

ग्रेटर नोएडा। दुष्कर्म के कलंक के साथ समाज में बदनामी के धब्बे के साथ मानिसक प्रताड़ना का दंश झेलने वाले 68 वर्षीय बुजुर्ग को 10 साल बाद न्याय मिला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने बुजुर्ग को दोष मुक्त करार देते हुए फैसले में कहा पूरा मामला दुर्भावना से प्रेरित था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष मामले में बुजुर्ग पर लगाए आरोपों और बुनियादी बातों को साबित करने में असफल रहा है। प्रकरण में यह साबित नहीं हुआ कि शिकायतकर्ता नाबालिग थी या नहीं। उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था या नहीं, जो आरोप लगाए गए थे, वह भी साबित नहीं हुए। वर्ष 2016 में मामला दर्ज होने के बाद तीन दिन जेल में रहकर जमानत पर बाहर आने के बाद बुजुर्ग को अदातल से अब न्याय मिला है। आरोपित के अधिवक्ता के मुताबिक, नोएडा की सेक्टर-20 कोतवाली में आठ अगस्त 2016 में पीड़िता के पिता ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
पिता ने दो लोगों पर बेटी का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आठ नवंबर को पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। पुलिस ने दोनों आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अदालत द्वारा दोषमुक्त किए गए बुजुर्ग की तब 58 वर्ष उम्र थी। जबकि दूसरे आरोपित के नाबालिग होने पर वर्ष 2023 में मामला किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया गया था। मूल रूप से बिहार निवासी बुजुर्ग को पुलिस ने जेल भेज दिया था। उसे तीन दिन बाद जमानत मिल गई थी। इसके बाद से उसके मामले की सुनवाई स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में चल रही थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उसके माता-पिता, जांच अधिकारी और मेडिकल जांच करने वाले डॉक्टर सहित पांच गवाहों से पूछताछ की। बचाव पक्ष ने तीन गवाह पेश करते हुए दलील दी कि कथित घटना के समय आरोपित अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए बाहर गया था। उसके खिलाफ जिस व्यक्ति ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। उससे आरोपित का संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। संपत्ति विवाद में ही उसे झूठे आरोप में फंसाया गया। अदालत ने दोनों पक्ष को सुनने के बाद कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों की पुष्टि संबंधित कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका है। इसलिए बुजुर्ग को दुष्कर्म के आरोप से दोष मुक्त करते हुए बरी किया जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button