नोएडा श्रमिक हिंसा की साजिश में शामिल दिल्ली का यूट्यूबर, लखनऊ का एक पत्रकार गिरफ्तार, मास्टरमाइंड से जुड़े तार

नोएडा में 13 अप्रैल को हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों एक यूट्यूबर और एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है।
नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में 13 अप्रैल को श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा का मामला अब लगातार नए खुलासों के साथ गहराता जा रहा है। पुलिस की जांच में यह संकेत मिल रहे हैं कि यह सिर्फ एक सामान्य विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका भी जताई जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो और आरोपियों एक यूट्यूबर और एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी के बाद मामले में पहले से पकड़े गए आरोपियों के साथ इनके संबंध भी सामने आए हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की जांच और तेज हो गई है।
पुलिस के अनुसार, यूट्यूबर हिमांशु को दिल्ली के शालीमार बाग इलाके से गिरफ्तार किया गया, जहां वह फोर्टिस अस्पताल के पास रह रहा था। वहीं पत्रकार सत्यम वर्मा को लखनऊ के निशातगंज क्षेत्र से पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ फेज-2 थाने में मामला दर्ज किया गया है और उन्हें लंबे समय से तलाशा जा रहा था।
जांच में सामने आया है कि हिमांशु घटना के दिन नोएडा में मौजूद था और मुख्य आरोपी आदित्य आनंद के लगातार संपर्क में था। वहीं सत्यम वर्मा के भी पहले गिरफ्तार आरोपियों से संबंध सामने आए हैं। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे घटनाक्रम में दोनों की भूमिका कितनी गहरी थी और किस स्तर पर योजना बनाई गई थी।
हिमांशु के ठिकाने पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और भड़काऊ पेम्फलेट बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि पिछले एक महीने से इन पेम्फलेट्स के जरिए श्रमिकों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया जा रहा था, जिससे स्थिति को हिंसक रूप दिया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला एक संगठित और सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य आंदोलन की आड़ में शहर का माहौल बिगाड़ना था। इस केस में मुख्य आरोपी आदित्य आनंद समेत तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और अब अन्य कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
गिरफ्तार पत्रकार सत्यम वर्मा लखनऊ के निवासी हैं और एक पत्रिका के संपादक बताए जाते हैं। इसके अलावा वह शहर में एक वैचारिक लाइब्रेरी भी संचालित करते हैं। वहीं हिमांशु मूल रूप से उत्तराखंड के उधमसिंह नगर का रहने वाला है और दिल्ली में रहकर मजदूरों के मुद्दों पर पीएचडी की तैयारी कर रहा था।
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में भी बदलाव किए गए हैं। सेंट्रल नोएडा जोन की डीसीपी शैव्या गोयल और एसीपी उमेश यादव को उनके पदों से हटा दिया गया है। डीसीपी यातायात शैलेन्द्र सिंह को नया प्रभारी बनाया गया है, जबकि एसीपी पद पर दीक्षा सिंह को नियुक्त किया गया है। इससे पहले फेज-2 थाना प्रभारी को भी हटाया जा चुका था।




