डॉक्टरों-स्टाफ की नौकरी पर है संकट ? दिल्ली में पोर्टा केबिन में चल रहीं 121 मोहल्ला क्लीनिक होंगी बंद

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने 121 पोर्टा कैबिन में चल रहे मोहल्ला क्लीनिक को बंद करने का निर्णय लिया है। ये सभी क्लीनिक ऐसे स्थानों पर हैं, जो किसी नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा से एक किलोमीटर की दूरी के अंदर हैं।
स्वास्थ्य सचिव ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं। उनके आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे मोहल्ला क्लीनिक की लिस्ट मांगी है। सरकार के इस निर्णय से यहां काम कर रहे कर्मियों को अपनी सेवा समाप्ति का डर सताने लगा है और वह लामबंद होने लगे हैं।
हालांकि अभी इस पर संशय बना हुआ है कि मोहल्ला क्लीनिक को बंद करने से उनमें कार्य कर रहे उनका क्या होगा सरकार ने अभी इस पर स्थिति को स्पष्ट नहीं किया है।
राज्य एएएमसी सेल के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. मनोज कुमार गुप्ता ने दिल्ली के सभी जिलों के सीएमओ को निर्देशित किया है कि सभी चिह्नित क्लीनिकों की सूची तैयार कर ली जाए। जिसमें फर्नीचर, आईटी उपकरण, इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स, दवा व अन्य उपभोग्य सामग्री, चिकित्सा व गैर-चिकित्सा उपकरण सहित अन्य संपत्तियों का ब्यौरा भी शामिल हो। मांगी गई यह समेकित रिपोर्ट को सचिवालय में पेश किया जाना है।
इस निर्णय की जानकारी फिलहाल मोहल्ला क्लीनिक के इंचार्ज या स्टाफ को नहीं दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, यह कदम संसाधनों के बेहतर उपयोग और दोहराव रोकने के लिए उठाया गया है, क्योंकि कई मोहल्ला क्लीनिक उसी इलाके में चल रहे हैं।
जहां पहले से डिस्पेंसरी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन 121 क्लीनिकों में से अधिकतर दक्षिण, पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के क्षेत्रों में हैं। इनमें देओली, कोंडली, करावल नगर, नजफगढ़, विकासपुरी, त्रिलोकपुरी, शाहदरा, बुराड़ी, मालवीय नगर, चांदनी चौक, तुगलकाबाद, करोलबाग और मटियाला प्रमुख हैं। बताया कि स्वास्थ्य विभाग अब इन क्लीनिकों से फर्नीचर, दवाइयों और उपकरणों का विवरण लेकर उन्हें अन्य जरूरतमंद इलाकों में पुनर्वितरित करने की योजना बना रहा है।

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