मुजफ्फरनगर में बंदर ने 3 माह की बच्ची को बनाया बंधक, डेढ़ घंटे के बाद पशु प्रेमी की सूझबूझ से बची जान

यूपी के मुजफ्फरनगर से एक चौंका देने वाला खबर सामने आई है। एक बंदर ने तीन माह की बच्ची को बंधक बना लिया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची को छुड़ाया जा सका।

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल कस्बे में एक बंदर ने तीन माह की मासूम बच्ची को अपने कब्जे में लेकर घंटों तक बंधक बनाए रखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। बच्ची की छुड़ाने की कोशिश कर रहे करीब आधा दर्जन लोगों को बंदर न काटकर घायल कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, चरथावल थाना क्षेत्र में तहसीन नामक व्यक्ति के घर में अचानक एक बंदर घुस आया। घर में मौजूद उसकी तीन माह की बच्ची कलसुम को बंदर ने उठा लिया और उसे अपने कब्जे में लेकर बैठ गया। परिजनों ने जब बच्ची को छुड़ाने की कोशिश की, तो बंदर आक्रामक हो गया और कई लोगों को काटकर घायल कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन बंदर के आक्रामक व्यवहार के चलते स्थिति को संभालना आसान नहीं था। इसी बीच चरथावल के रहने वाले पशु प्रेमी सन्नी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने हालात को समझते हुए जल्दबाजी के बजाय सूझबूझ से काम लिया और बंदर का ध्यान भटकाने की योजना बनाई।
करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सन्नी और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक बंदर का ध्यान दूसरी ओर किया और मासूम बच्ची को सुरक्षित छुड़ा लिया। राहत की बात यह रही कि बंदर ने बच्ची को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। हालांकि, इस दौरान 3-4 लोग बंदर के हमले में घायल हो गए।
पशु प्रेमी सन्नी ने बताया कि बंदर ने बच्ची को अपना बच्चा समझ लिया था, जिसके चलते उसने उसे नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि अपने पास ही रखा। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है कि बंदर का अपना बच्चा मर गया हो, इसी वजह से वह इस बच्ची के प्रति ऐसा व्यवहार कर रहा था। सन्नी ने यह भी बताया कि उनकी संस्था श्री बालाजी चैरिटेबल सोसाइटी की टीम ने पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया और बच्ची को सकुशल परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा और स्थिति पर नजर बनाए रखी।

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