सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का किया प्रयास, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

अमेठी/उत्तर प्रदेश। अमेठी में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। माचिस जलाने से पहले वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। इस घटना से कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। महिला को इलाज के जिला अस्पताल भिजवाया गया है।
दरअसल, पूरा मामला बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के एक गांव का है। महिला ने आरोप लगाया है कि आठ मार्च की शाम को सात बजे शौच के लिए घर से बाहर निकली थी, तभी एकाएक कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसको जबरन शराब पिलाई। जब वो बेसुध हो गई तो उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। साथ ही जान से मारने की भी कोशिश की। आरोप है कि उसकी कान की बाली, गले का मंगलसूत्र और पायल भी लूट ले गए।
पीड़िता का आरोप है कि इस घटना की सूचना उसने थाने पर दी। पुलिस ने उसे दिनभर थाने में बैठाए रखने के बाद भी उसका मुकदमा नहीं दर्ज किया। उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंची पीड़िता ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया। हालांकि, जब तक वह माचिस जलाती, तब तक वहां पर मौजूद लोगों ने पहुंचकर उसे बचा लिया। इस घटना से कलेक्ट्रेट में अफरा-तफरी मच गई। वहां पर भारी भीड़ लग गई। कलेक्ट्रेट के अफसरों ने पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। गौरीगंज कोतवाल शिवाकांत त्रिपाठी और एसओ महिला थाना ममता रावत ने मौके पर पहुंचकर महिला को अस्पताल पहुंचाया।
एसओ बाजार शुकुल तनुज पाल का कहना है कि महिला का पति से विवाद चल रहा है। इस मामले में 2021 में महिला ने पति पर मुकदमा दर्ज कराया था। अब एक बार फिर उसने पति समेत अन्य के खिलाफ दुष्कर्म की तहरीर दी है। इस मामले की जांच उच्चाधिकारियों के स्तर से हो रही है।




