जानें ब्रिटेन की नयी प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस को, भारत को लेकर कैसी है उनकी सोच

ब्रिटेन,(एजेंसी)।  लिज़ ट्रस ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री हैं। यूनाइटेड किंगडम की प्रधानमंत्री बनने वाली वह तीसरी महिला होंगी। लिज़ ट्रस ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हराया है। इस परिणाम के बाद ब्रिटिश की राजनीति में सभी पक्षों ने जश्न भी बनाया है। लेकिन सवाल यही है कि आखिर लिज़ ट्रस हैं कौन? लिज़ ट्रस बोरिस जॉनसन की सरकार में विदेश मंत्री थीं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चुनाव में लिज़ ट्रस को कुल 81326 वोट मिले। कुल मिलाकर देखें तो लिज़ ट्रस की यह बड़ी जीत है। बोरिस जॉनसन का स्थान लेने के लिए कंज़र्वेटिव पार्टी की लिज़ ट्रस और ऋषि सुनक के बीच कड़ी टक्कर चल रही थी। हालांकि, ब्रिटेन के सबसे ताकतवर पद पर बैठने का मौका लिज़ ट्रस को मिला। जानते हैं कि आखिर यह लिज़ ट्रस कौन हैं?

लिज़ ट्रस का पूरा नाम मैरी एलिजाबेथ ट्रस है। इनका जन्म 1975 में ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड में हुआ था। लिज़ ट्रस के पिता गणित के प्रोफेसर थे तो वही मां नर्स थी। लिज़ ट्रस के मुताबिक उनके माता-पिता लेफ्ट के समर्थक थे। लेकिन वह पूरी तरह से कंज़र्वेटिव पार्टी की समर्थन में रही हैं। हालांकि, लिज़ ट्रस राजनीतिक परिवार से नहीं आती हैं। उनका परिवार राजनीति में नहीं रहा है। लेकिन उनका परिवार हमेशा ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का प्रशंसक रहा। इनका परिवार मार्गरेट थैचर की रैलियों में भी शिरकत करता था। अपने स्कूल के दौरान लिज़ ट्रस ने मॉक इलेक्शन के दौरान मार्गरेट थैचर का भी किरदार निभाया था। इससे पता चलता है कि कहीं ना कहीं लिज़ ट्रस हमेशा मार्गरेट थैचर से प्रभावित रही हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा ग्लासगो और लीड्स में हुई है। बाद में उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। ऑक्सफोर्ड से इन्होंने फिलॉसफी, पॉलिटिक्स और इकोनॉमिक्स में डिग्री हासिल की है।

लिज़ ट्रस छात्र राजनीति में भी काफी सक्रिय रही हैं। लिज़ ट्रस की राजनीति को देखें तो ऐसा लगता है कि उन्होंने समय-समय पर अपने विचार बदले हैं। शुरुआती दिनों में लिज़ ट्रस लेबर पार्टी के समर्थक रहे जिसे वामपंथी विचारधारा का समर्थक माना जाता है। अपनी पढ़ाई के दौरान वह लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी। उसकी विचारधारा को अपनाया। लेकिन कॉलेज के बाद उन्होंने कंज़र्वेटिव पार्टी का दामन थाम लिया। कंज़र्वेटिव पार्टी में ही उन्होंने अपनी राजनीतिक जमीन को तैयार करने की शुरुआत की और खुद को मजबूत किया। लिज़ ट्रस को जानने वाले लोग यह भी दावा करते हैं कि वह है राजशाही व्यवस्था को खत्म करने की समर्थक रही हैं। 1994 में तो उन्होंने एक सम्मेलन में ब्रिटेन से राजशाही व्यवस्था को खत्म करने की भी बात कह दी थी। लिज़ ट्रस को अच्छे वक्ता के रूप में भी जाना जाता है।

पढ़ाई पूरी होने के बाद लिज़ ट्रस ने केबल कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम करना शुरू किया। हालांकि, राजनीति की ओर उनका झुकाव जारी रहा। बाद में सन 2000 में उन्होंने अपने सहयोगी ह्यूग ओ’लेरी से शादी कर ली। उनके दो बच्चे भी हैं। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। सबसे पहले उन्होंने हेम्सवर्थ वेस्ट यॉर्कशायर से कंज़र्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर अपनी चुनावी किस्मत को आजमाया। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में 2005 में इन्होंने वेस्ट यॉर्कशायर से चुनाव लड़ा। इसमें भी उन्हें हार मिली थी। लगातार हार से घबराने की जगह लिज़ ट्रस मजबूत होती गईं। उन्होंने संघर्ष करना जारी रखा। लेकिन 2010 में उन्हें जीत मिली कंज़र्वेटिव पार्टी के लीडर डेविड कैमरन ने 2010 में उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। उन्हें साउथ-वेस्ट नॉरफॉक से सफलता मिली थी।

लिज़ ट्रस के जीवन में यह पहली राजनीतिक सफलता थी। 2012 में इन्हें ब्रिटेन का शिक्षा मंत्री बनाया गया। 2014 में इन्हें प्रमोशन मिला और व पर्यावरण सचिव बन गईं। बोरिस जॉनसन ने 2021 में उन पर बड़ा भरोसा जताया। उन्हें सरकार का सबसे अहम पद दिया और विदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी। लिज़ ट्रस भारत के साथ अच्छे रिश्ते को हमेशा बरकरार रखना चाहती हैं। वह भारत के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की हमेशा से पैरोकार रही हैं। विदेश मंत्री रहते हुए भी उन्होंने भारत के साथ अपने संबंध को अच्छा बनाएं रखा। इसी साल लिज़ ट्रस भारत के दौरे पर भी आई थीं। उन्होंने अपने दौरे के दौरान भारत को अवसरों का देश बताया था।

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