दो पूर्व सैनिकों पर एफआईआर, भारतीय सेना में विद्रोह कराने की कोशिश का आरोप

FIR against two ex-soldiers, accused of trying to incite rebellion in the Indian Army

नई दिल्ली/एजेंसी। भारतीय सेना ने दो पूर्व सैनिकों पर सेना में विद्रोह कराने की कोशिश का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। पहली एफआईआर जयपुर में और दूसरी लखनऊ में हुई है। जिन पूर्व सैनिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उन पर यू-ट्यूब चैनल के जरिए सेना के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने और सैनिकों को उनके कर्तव्य से विमुख करने और सेना में विद्रोह के लिए भड़काने सहित कई आरोप हैं।सूत्रों के मुताबिक सेना की अलग अलग कमांड लगातार सोशल मीडिया में ऐसे पूर्व सैनिकों पर नजर रखे हुए है जो सेना के खिलाफ गलत जानकारी फैलाकर सेना को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। सेना की तरफ से शिकायत में कहा गया है कि ये पूर्व सैनिक यू-ट्यूब के जरिए जो विडियो प्रसारित कर रहे हैं उसमें सैनिकों को उनके कर्तव्य से विचलित करने की कोशिश कर रहे हैं, सैनिकों को नौकरी छोड़ने के लिए भड़का रहे हैं और उन्हे भड़काकर सेना में विद्रोह करवाने की कोशिश कर रहे हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 161, 163, 166 और 168 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
बीएनएस 161 सैन्य अनुशासन और अधिकार की सुरक्षा करता है, उन लोगों को दंडित करता है जो सैन्य अनुशासन और अधिकार को कमजोर करते हैं। आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे सीनियर अधिकारियों पर हमला करने के लिए भड़काने की कोशिश के आरोप में यह धारा लगाया गई है।
उपद्रव या आशंकित खतरे के आपातकालीन मामले के लिए बीएनएस की धारा 163 लगाई गई है। यह सैनिकों को काम छोड़कर भागने के लिए उकसाने के आरोप में लगाई गई है। यह उन सभी पर लागू होता है जो सशस्त्र बलों के किसी सदस्य को बिना अनुमति सेवा छोड़ने में सहायता या प्रोत्साहन देते हैं।
बीएनएस 166 में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी सैनिक को अवज्ञा करने के लिए उकसाता है तो उसे दो साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। इसके साथ ही सैन्य यूनिफॉर्म से मिलती जुलती पोशाक पहनने और आधिकारिक सैन्य वस्तुओं जैसे बैज या पदक जैसे दिखने वाले टोकन प्रदर्शित करने के आरोप में धारा 168 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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