संपत्ति विवाद में छोटे भाई की हत्या के आरोपी बड़े भाई और उसके तीन साथी गिरफ्तार

Elder brother and his three companions accused of murdering younger brother in property dispute arrested

पश्चिमी दिल्ली। बिंदापुर थाना क्षेत्र में संपत्ति व किराए से आमदनी को लेकर विवाद में छोटे भाई की हत्या के आरोपित बड़े भाई को द्वारका जिला की स्पेशल स्टाफ पुलिस टीम ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने मुख्य आरोपित के तीन साथियों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से दो पिस्टल व वारदात में इस्तेमाल हुंडई एक्सेंट कार बरामद की है। आरोपितों में मृतक धर्मेंद्र का बड़ा भाई रविंद्र व इसके दोस्त सतेंद्र सिलोटिया, जाहिद व अवनीश शामिल है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि 10 फरवरी की रात पुलिस को मटियाला गांव में धर्मेंद्र नामक युवक को गोली मारे जाने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही बिंदापुर थाना और स्पेशल स्टाफ की टीम मौके पर पहुंची। तब तक परिवार वाले घायल धर्मेंद्र को इलाज के लिए आकाश अस्पताल लेकर जा चुके थे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र को उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में तीन गोली मारी गई थी। जांच में पता चला कि धर्मेंद्र की उसके बड़े भाई रविंद्र से विवाद चल रहा था और उसने ही गोली मारकर हत्या की है। वारदात को अंजाम देकर वह फरार हो गया है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य हासिल करने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीम गठित की। पुलिस ने घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। जिसमें पता चला कि घटनास्थल पर रविंद्र के अलावा तीन और लोग मौजूद थे।
रविंद्र की सीडीआर से पता चला कि रविंद्र वारदात से पहले तीन लोगों के संपर्क में था। तकनीकी जांच से पता चला कि वारदात को अंजाम देकर रविंद्र अपने साथियों के साथ उत्तर प्रदेश के मोदीनगर भाग गया है। स्पेशल स्टाफ की एक टीम को तुरंत मोदीनगर भेजा गया। जहां पुलिस टीम ने रात दिन कई जगहों पर छापे मारे। आरोपितों के कई परिचितों से पूछताछ की गई। टीम ने घटना के 48 घंटे के बाद चारों आरोपितों को विजयनगर मोदीनगर से गिरफ्तार कर लिया।
रविंद्र ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका अपने छोटे भाई धर्मेंद्र के साथ संपत्ति और किराये की आय के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इस बात को लेकर गांव में कई बार बैठकें हुईं, लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला। उसके छोटे भाई को किराए की आय का एक बड़ा हिस्सा मिल रहा था। जिससे वह काफी निराश हो गया था। बराबर की हिस्सेदारी मांगने पर उसका छोटा भाई उसे जान से मारने की धमकी देता था।
निराश होकर धर्मेंद्र से छुटकारा पाने के लिए करीब एक महीने से साजिश रच रहा था। उसने अपने दोस्तों से इसके लिए मदद मांगी। जाहिद ने पिस्टल का इंतजाम किया। सभी 8 फरवरी को सतेंद्र की कार से दिल्ली आए। उसके बाद सभी मौके की तलाश में जुट गए। 10 फरवरी की रात धर्मेंद्र जैसे ही कुत्तों के रोटी देने के लिए घर के पीछे गए। उन्होंने गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button