डकैतों का किला भेदने वाली आईपीएस लक्ष्मी सिंह,यूपी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर ने नोएडा में संभाला चार्ज

नोएडा डेस्क। उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्ध नगर में नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर 2000 बैच की महिला आईपीएस लक्ष्मी सिंह ने बुधवार को अपना चार्ज ग्रहण कर लिया है। लक्ष्मी सिंह ने गौतमबुद्ध नगर का चार्ज लेने के बाद नोएडा के सेक्टर-108 स्थित पुलिस कमिश्नरेट ऑफिस पर पत्रकारों से वार्तालाप की और कहा जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा नोएडा एक हाईटेक सिटी है और इसे बेहतर पुलिसिंग देने का यथासंभव प्रयास किया जाएगा। महिला आईपीएस लक्ष्मी सिंह ने नोएडा के सेक्टर-108 स्थित पुलिस कमिश्नरेट ऑफिस पर आयोजित संवाद सम्मेलन में जिले के पत्रकारों के साथ बात की। इस संवाद में सिंह ने कहा कि इससे पूर्व भी इस क्षेत्र में कार्य किया है और वह भली-भांति जानती है कि क्या परेशानियां है ? इसके साथ ही यूपी की व जिले की पहली महिला कमिश्नर होने के बतौर उन्होंने कहा कि जिले के 10 प्रस्तावित थाने है। उन सभी थाना भवनों का निर्माण कराना प्राथमिकता होगी।

उन्होंने कहा नोएडा प्राधिकरण के साथ पहले से बेहतर रिश्ते बनाकर और आमजन को सुरक्षित माहौल दे सकें ऐसा पर्यास किया जाएगा। इसके साथ ही नोएडा एक ऐसा शहर है जो अत्याधुनिक संसाधनों से लैस है। इसलिए इस शहर में होने वाली आपराधिक वारदात का असर देश ही नहीं विदेशों में भी जाता है। सिंह ने कहा कि आपस में बात करने से ही समस्याएं सुलझती है। मैं अपनी पूरी टीम के साथ स्वयं रणनीति बनाकर हरेक विभागों के साथ बेहतर रिश्ते बनाने का प्रयास करूंगी क्योंकि हमारा प्रयास सिर्फ आमजन को सुरक्षित माहौल देना है। इन सभी बातों को स्थापित करने के लिए सिर्फ संवाद ही आवश्यक है। उदाहरण के तौर पर बात करें तो कोई पुलिसकर्मी किसी क्षेत्र में मौजूद है तो उसके आस-पास के 200 मीटर की दूरी पर किसी प्रकार का अपराध नहीं होना चाहिए, यही बेहतर पुलिसिंग की पैमाना है। सिंह ने आगे कहा कि जिले के तमाम पुलिसकर्मियों को और प्रभावशाली बेहतर संसाधन दिलाने के साथ सभी प्राथमिकताएं शामिल है और शहर के आमजन को आश्वस्त किया कि यहां सिर्फ कानून का साम्राज्य रहेगा।

बता दें कि लक्ष्मी सिंह ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद समाजशास्त्र से एमए की डिग्री हासिल की। वर्ष 2000 में उन्होंने टॉपर स्थान हासिल कर आईपीएस का चुनाव किया। वर्ष 2014 में उन्हें आगरा में डीआईजी पद पर प्रमोट कर भेजा गया। वहां अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा आज भी होती है। लक्ष्मी सिंह को सीएम योगी आदित्यनाथ के पसंदीदा पुलिस अधिकारियों के रूप में जाना जाता है। ईमानदार और तेज तर्रार छवि के कारण वर्ष 2019 में उन्हें राजधानी लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई।
वर्ष 2018 में उन्हें आईजी पद पद प्रमोट किया गया था। सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए वे संकटमोचक अधिकारी रही हैं। उन्हें जो भी केस दिए गए, उसे तेजी से निपटाया। सीएम योगी ने उन्हें विकास दुबे कांड की जांच सौंपी थी। इस मामले में उन्होंने वर्दी के पीछे छुपे अपराधियों की पहचान की और कार्रवाई हुई। उन्नाव के खेत में रस्सी से बंधी तीन लड़कियों के मामले की जांच की जिम्मेदारी उन्होंने निभाई। मामला हाथ में लेने के तीन दिनों के भीतर अभियुक्तों को तीन दिनों के भीतर जेल की सलाखों के पीछे भेजने में सफलता मिली।
डकैतों के सफाए के लिए उन्होंने बु्ंदेलखंड डकैतों गिरोहों के बीच मुखबिर सिस्टम को विकसित किया। उनके किले को भेदने में सफल रही। अब यूपी के नोएडा में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश करती दिखेंगी। लक्ष्मी सिंह खुद पर भरोसे की बात करती हैं। कहती हैं कि महिलाएं मल्टीटास्किंग होती हैं। उनका कहना है कि महिला प्लान करके बहुत चीजों को बेहतर कर सकती हैं। निर्देशों और आदेश के जरिए मैनेज भी किया जा सकता है। ये हमारा प्‍लस प्‍वाइंट है। अब जमाना बदल चुका है। वे कहती हैं कि आपको खुद को किसी दायरे में बांधना नहीं चाहिए। वे कहती हैं कि किसी को भी दूसरे से तुलना करने की जगह खुद से तुलना करनी चाहिए। हर दिन आपको पिछले दिन से अपनी तुलना करनी चाहिए। महिलाओं के हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन पर खुशी जताती हैं।

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