सुंदर नगरी में सड़कें बेहाल, सड़कों से ट्रैफिक का निकलना बना चुनौती

नई दिल्ली। सुंदर नगरी की कई सड़कों से ट्रैफिक का निकलना चुनौती बना हुआ है। पैदल और टूवीलर सवार तो जैसे-तैसे निकल जाते हैं, लेकिन गाड़ियों को निकलने की जगह नहीं मिल पाती है। वजह है इन सड़कों पर रखा कबाड़ और यहां खड़ीं कबाड़ लेने के लिए आने वाली गाड़ियां। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारी भी समस्या से वाकिफ हैं। साथ ही कब्जों से निपटने में अपनी नाकामी भी स्वीकार कर रहे हैं। एमसीडी अधिकारी का कहना है कि कई बार एक्शन लिया जा चुका है, लेकिन कुछ ही दिन में फिर से हालात जस के तस हो जाते हैं।
डीएलएफ मोड़ से पुरानी सीमापुरी तक जा रही 70 फुटा रोड पर सुबह से शाम तक कबाड़ी देखे जा सकते हैं। गाजियाबाद से लगती इस रोड पर सैकड़ों बोरियों में कबाड़ रखा रहता है। रोड पर ही इन बोरियों से कबाड़ रखा रहता है। रोड पर ही इन बोरियों से कबाड़ रखा रहता है। रोड पर ही इन बोरियों से कबाड़ निकाल कर उसकी छंटाई शुरू होती है। शाम तक कबाड़ से अलग किए गए सामान को बोरियों में भरकर बेचने के लिए सड़क पर ही रख दिया जाता है। देर शाम या सुबह टैंपो उस कबाड़ को ले जाते हैं। अगले दिन फिर नया कबाड़ रोड पर छांटने के लिए फैला दिया जाता है।
लोगों ने बताया कि रोड पर भारी मात्रा में बिजली, इंटरनेट के तारों को मेटल निकालने के लिए जलाया जाता है। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है। इस रोड के अलावा जल बोर्ड ऑफिस रोड, कब्रिस्तान रोड और उसके आसपास की कॉलोनियों की गलियां कबाड़ियों के अड्डे बने हुए हैं। एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि कई बार कबाड़ियों के खिलाफ एक्शन लिया जा चुका है। सामान भी जब्त होता रहता है, लेकिन यह समस्या कम नहीं हो रही है। एमसीडी एक्शन करती है, तो कुछ दिन बाद फिर पहले जैसी स्थिति हो जाती है।

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