महाराष्ट्र के परिवहन विभाग में लागू होगा कर्नाटक पैटर्न

Karnataka pattern will be implemented in Maharashtra's transport department

मुंबई/एजेंसी। कर्नाटक राज्य परिवहन की सेवाएं लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहद लोकप्रिय हैं और इसे बेहतर मैनेजमेंट के लिए यात्रियों द्वारा सराहा जाता है। महाराष्ट्र में भी ऐसी सेवा शुरू की जा सकती है, ऐसा विचार महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बेंगलुरु स्थित कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम(केएसआरटीसी) के मुख्यालय के दौरे के दौरान कही।
सरनाईक ने 1 और 2 फरवरी को कर्नाटक का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ कर्नाटक के परिवहन मंत्री डॉ. रामलिंगा रेड्डी, राज्य के परिवहन सचिव डॉ. एनवी प्रसाद, केएसआरटीसी के उपाध्यक्ष रिज़वान नवाब और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक माधव कुस्कर मौजूद थे।
इस दौरे में सरनाईक ने ‘अंबारी’, ‘एयरावत’ और ‘राजहंस’ जैसी प्रीमियम बस सेवाओं का निरीक्षण किया और इनके मैनेजमेंट सिस्टम की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने केएसआरटीसी की बस सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह निजी बसों की तुलना में अधिक सुरक्षित हैं, जिस कारण यात्रियों में इनकी लोकप्रियता अधिक है। केएसआरटीसी अधिकारियों ने विभिन्न प्रकार की बसों का प्रदर्शन किया, जो 9 मीटर से 15 मीटर तक लंबी थीं। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न प्रकार की बसें यात्रियों की आवश्यकताओं के अनुसार उपलब्ध कराई जाती हैं, चाहे वह पहाड़ी क्षेत्र हों या मैदानी क्षेत्रों में। इन बसों में दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी भी दी गई, जैसे कि वाई-फ़ाई, यूरिनल, ई-टिकट और ऑनलाइन बुकिंग सेवाएं।
परिवहन सेवाओं की प्रस्तुति के दौरान बताया गया कि पूरे राज्य के प्रबंधन को चार क्षेत्रीय डिवीजनों में विभाजित किया गया है, जिनका नेतृत्व आईएएस अधिकारी करते हैं। राज्य स्तर पर भी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है, ताकि परिवहन सेवाओं में समन्वय बना रहे और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
सरनाईक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी प्रतिनिधियों को सलाह दी है कि वे अन्य राज्यों की अच्छी सेवाओं का अध्ययन करें और उन्हें अपने राज्यों में लागू करें। इसी पहल के तहत इस दौरे का आयोजन किया गया, ताकि कर्नाटक राज्य परिवहन की प्रतिष्ठित लंबी दूरी की सेवाओं – एयरावत, अंबारी और राजहंस का अध्ययन किया जा सके। उनकी क्षेत्रीय परिवहन प्रबंधन प्रणाली को समझा जा सके और कर्मचारियों के लिए लागू प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सके।

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