नवरात्र में मीट नहीं खाओगे तो कुछ घिस नहीं जाएगा : कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
If you don't eat meat during Navratri, nothing will be lost: Congress MP Imran Masood

- कांग्रेस सांसद ने कर दिया मीट दुकान बंद करने का समर्थन
- हिंदू संगठनों की ओर से चैत नवरात्र को लेकर हो रही मांग
- सांसद ने कहा, एक-दूसरे के धर्म और पर्व का करें सम्मान
सहारनपुर/उत्तर प्रदेश। सहारनपुर सेकांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नवरात्र के दौरान मीट की दुकानें बंद करने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यदि दस दिन मीट नहीं खाया जाएगा तो कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा और हमें एक-दूसरे के धर्म और पर्व का सम्मान करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भारतीय जनता पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे हैं। दरअसल, पिछले दिनों नवरात्र के दौरान मीट की दुकानों को बंद किए जाने की मांग लगातार हुई है। इसको लेकर भाजपा की ओर से मांग उठी है। इसके बाद कई नेताओं की इस पर प्रतिक्रिया सामने आई। अब इमरान मसूद ने इस मामले में अपना पक्ष रख है।
संसद सत्र से बाहर निकलने के दौरान मीडिया से बात करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि अगर आप किसी से सम्मान की अपेक्षा रखते हैं, तो पहले आपको भी सम्मान देना चाहिए। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पहले सांसद ने सहारनपुर स्टेशन का नाम मां शाकंभरी देवी के नाम पर रखने की मांग की थी। अब वे कह रहे हैं कि एक-दूसरे के धर्म और भावनाओं का ख्याल दोनों पक्षों को रखना होगा।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मीट केवल मुसलमान ही नहीं खाते, बल्कि कई अन्य समुदायों के लोग भी इसे खाते हैं। लेकिन यदि किसी की भावनाएं आहत होती हैं, तो दस दिन मीट न खाने से कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दाल-रोटी खा लीजिए, इससे कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ने वाला है।
कांग्रेस सांसद ने बीजेपी के फैसले का समर्थन करने के सवाल पर साफ किया कि मैं बीजेपी का समर्थन नहीं कर रहा हूं। मैं सिर्फ सम्मान की बात कर रहा हूं। अगर किसी को संतुष्टि मिलती है, तो उसे संतुष्टि देनी चाहिए। इससे किसी को खुशी मिलती है तो उसे खुशी देने में क्या दिक्कत है। हमें एक-दूसरे के धर्म-पर्व का सम्मान करना चाहिए। यही हमारी भारतीय साझी संस्कृति- साझी विरासत है।
इमरान मसूद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी यह वीडियो साझा किया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को सौगात देनी है, तो देश के मुसलमानों को सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और मोहब्बत की सौगात दें। अपने बयान में इमरान मसूद ने यह भी कहा कि मैं खुद मीट नहीं खातर, इसलिए हमें यह नहीं पता कि दस दिन मीट न खाने से कितना फर्क पड़ेगा। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस मामले पर अब राजनीति गरमा रही है।




