कौशांबी में पेड़ काटे जाने के दौरान बिजली का खंभा गिरने से मासूम की मौत, एक बच्ची गंभीर घायल
कौशांबी के टेवां गांव में पेड़ की डाल काटने के दौरान बिजली के खंभे गिरने से दो साल के एक बालक की मौत हो गई। उसकी चार वर्षीय बहन गंभीर रूप से घायल है और मेडिकल कॉलेज में जीवन-मौत से संघर्ष कर रही है।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशांबी/उत्तर प्रदेश। सदर तहसील क्षेत्र के टेवां गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में दो वर्षीय मासूम बालक की मौत हो गई, जबकि उसकी बड़ी बहन गंभीर रूप से घायल होकर मेडिकल कॉलेज में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। घटना उस समय हुई जब बरातियों की बोलेरो पर गिरी पीपल के पेड़ की डाल हटाने के दौरान अचानक बिजली के पोल गिर पड़े और दोनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में चीत्कार गूंज उठी, वहीं पड़ोस में चल रही शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। दुल्हन की विदाई भी सादे समारोह में कर दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
टेवां निवासी मनोज सरोज मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसके परिवार में पत्नी, चार वर्षीय बेटी जान्हवी और दो वर्षीय पुत्र प्रिंस थे। मंगलवार रात पड़ोसी लालचंद्र रैदास की बेटी की शादी थी, जिसमें पूरा मोहल्ला शामिल हुआ था। बरातियों की बोलेरो मनोज के घर के पास खड़ी थी।
रात करीब दो बजे तेज आंधी और बारिश के चलते पास स्थित पीपल के पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर गिर गई। इसका एक हिस्सा बोलेरो पर और दूसरा हिस्सा बिजली के तार पर आ गिरा। बुधवार सुबह करीब सात बजे बोलेरो से तार हटाने के लिए पेड़ की डाल को काटा जा रहा था।
उसी दौरान पास में खेल रहे मनोज के दोनों बच्चे अचानक हुए हादसे की चपेट में आ गए। डाल के बिजली तार पर गिरते ही दो पोल टूटकर गिर पड़े और दोनों बच्चे उनके नीचे दब गए। आनन-फानन में लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक प्रिंस की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल जान्हवी को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस स्थान पर डाल काटी जा रही थी, वहां बराती नाश्ता कर रहे थे और आसपास बच्चे खेल रहे थे। इसके बावजूद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए और न ही बच्चों को वहां से हटाया गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ।
मनोज की पत्नी अपने माता-पिता की इकलौती संतान है और परिवार ससुराल में ही रहता था। लालचंद्र और मनोज के घरों के बीच महज पांच मीटर की दूरी है। प्रिंस की मौत के बाद लालचंद्र के घर भी मातम छा गया और सुबह करीब 11 बजे बिना गाजे-बाजे दुल्हन की विदाई कर दी गई।
इस संबंध में प्रभारी सीओ मंझनपुर सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि मंगलवार रात आंधी-बारिश के दौरान पीपल की डाल बिजली के तार और बोलेरो पर गिर गई थी। सुबह डाल काटने के दौरान बिजली के दो पोल गिर गए, जिससे दबकर बालक की मौत हो गई, जबकि बालिका का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।




