निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश के मंत्री दिलीप जायसवाल से की मुलाकात, निकाय की समस्याओं से कराया अवगत

सुमिता शर्मा/जिला ब्यूरो चीफ
अनूपपुर/मध्य प्रदेश। नवगठित नगर परिषद डूमरकछार के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने कोतमा क्षेत्र के विधायक एवं प्रदेश शासन में मंत्री दिलीप जायसवाल से मुलाकात कर नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। जनप्रतिनिधियों ने निकाय की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे मंत्री के समक्ष रखे। मंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित उच्च अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नगर परिषद में लंबे समय से उपयंत्री की पदस्थापना नहीं होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं स्थायी मुख्य नगर पालिका अधिकारी की पदस्थापना नहीं होने से शासन और निकाय स्तर के कार्यों के संचालन में भी कठिनाइयां आ रही हैं। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों का मानदेय कई माह से लंबित होने, निकाय की आय और कर्मचारियों के वेतन पर होने वाले व्यय में भारी अंतर सहित अन्य समस्याओं को भी मंत्री के संज्ञान में लाया गया।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि नगर परिषद की मासिक आय में शासन से प्राप्त होने वाली चुंगी की राशि लगभग 10 लाख रुपये प्रतिमाह है, जबकि निकाय में पदस्थ विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर प्रतिमाह लगभग 23 से 24 लाख रुपये का स्थापना व्यय हो रहा है। ऐसे में निकाय की आय की तुलना में वेतन पर होने वाला खर्च काफी अधिक है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सहयोग से क्षेत्र में अधिक से अधिक जनहितैषी कार्य कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली तथा उच्च न्यायालय के आदेशों की कथित गलत व्याख्या के कारण निकाय क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने इन सभी विषयों को मंत्री के समक्ष रखते हुए आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने सभी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और क्षेत्र के विकास तथा आम नागरिकों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित उच्च अधिकारियों को नगर परिषद की व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त करने तथा जनहितैषी कार्यों की योजना बनाकर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
ज्ञात हो कि नगर परिषद डूमरकछार में निर्विरोध पार्षद एवं निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. सुनील कुमार चौरसिया के नेतृत्व में अधिकांश निर्वाचित जनप्रतिनिधि क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि निकाय की सीमित आय और उपलब्ध संसाधनों के बावजूद आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री से मुलाकात के दौरान नगर परिषद डूमरकछार के अध्यक्ष एवं जिला योजना समिति के सदस्य डॉ. सुनील कुमार चौरसिया, सभापति डॉ. महेश चौहान, जितेंद्र चौहान, रवि सिंह, रंजीत वर्मा, पार्षद चंदा देवी महरा, सरिता यादव, पार्वती सिंह, राकेश दिवान, एल्डरमैन ममता पात्रो सहित पार्षद प्रतिनिधि राजेंद्र महरा, डॉ. योगेश पालीवाल और अशोक वर्मा उपस्थित रहे।
मुलाकात के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने बताया कि मंत्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक पहल करते हुए उच्च अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि निकाय की व्यवस्थाओं, कार्मिक प्रबंधन और अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रभावित कार्यों को जल्द पूरा कराया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन और सरकार की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। नगर परिषद क्षेत्र के विकास के लिए सभी निर्वाचित प्रतिनिधि एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।





