महाराष्ट्र सूचना अधिकार नियम 2026 के विरोध में मुंबई के आज़ाद मैदान में होगा प्रदर्शन

कांती जाधव/मुंबई ब्यूरो। महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी ‘महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम 2026’ के विरोध में सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने आवाज़ बुलंद कर दी है। इन नियमों को जनविरोधी बताते हुए उन्हें तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई गई है। इसी कड़ी में 25 जून 2026 को मुंबई के आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि 12 जून को जारी विज्ञप्ति के बाद 25 जून से लागू किए गए ये नियम सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की मूल भावना के विरुद्ध हैं। नए नियमों के तहत सूचना आवेदन शुल्क में पांच गुना वृद्धि की गई है, साथ ही सूचना प्राप्त करने के लिए नागरिकता प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है।
आलोचकों के अनुसार यह प्रावधान अधिनियम की धारा 6(2) का उल्लंघन करते हैं, जिसमें सूचना मांगने के लिए कारण बताने या अतिरिक्त प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं होती। इससे आम नागरिकों के सूचना प्राप्त करने के अधिकार पर अनावश्यक प्रतिबंध लगेंगे।
सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं के संघ के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष बसवेकर के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन में सरकार से इन नियमों को वापस लेने की मांग की जाएगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सूचना का अधिकार लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, और इस पर किसी भी प्रकार की आर्थिक या प्रशासनिक बाधा स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि शुल्क वृद्धि, अतिरिक्त दस्तावेजों की अनिवार्यता और प्रक्रियात्मक जटिलताएं किसानों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सूचना प्राप्त करना और कठिन बना देंगी। आयोजकों ने राज्य भर के आरटीआई कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और आम नागरिकों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
प्रदर्शन 25 जून को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक मुंबई के आज़ाद मैदान में आयोजित किया जाएगा, जिसमें ‘सूचना का अधिकार हमारा अधिकार है, दया नहीं’ के नारे के साथ नियमों को तत्काल निरस्त करने की मांग की जाएगी।




