39 साल पहले धर्मेंद्र ने अकेले निगल लिया था पूरा बॉलीवुड, एक ही साल में दी थीं 7 हिट फिल्में

एंटरटेनमेंट डेस्क/नई दिल्ली। आज के दौर में अगर किसी सुपरस्टार की एक फिल्म ब्लॉकबस्टर हो जाती है तो वो अपने आपको स्टार समझने लगता है। फैंस सोशल मीडिया पर उसकी तारीफों के पुल बांधने लगते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बॉलीवुड में एक ऐसा दौर भी आया था जब एक एक्टर ने एक ही साल में इतनी रिलीज फिल्में दीं कि बड़े-बड़े स्टार्स उससे डरने लगे।
आज हम बात करेंगे बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र की जिनकी साल 1987 में कुल 12 फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थीं। इनमें इंसानियत के दुश्मन, लोहा, हुकूमत, आग ही आग, मेरा करम मेरा धरम, वतन के रखवाले, मर्द की जुबान, इन्साफ की पुकार, दादागिरी, जान हथेली पे, मिट जायेंगे मिटाने वाले और सुपरमैन शामिल हैं।
दरअसल ये वो दौर था जब वीसीआर मार्केट में इंट्रोड्यूस हुए थे और लोगों ने थिएटर जाना थोड़ा कम कर दिया था। ऐसे में थिएटर्स खाली रहने लगे और मेकर्स के दिवालिया होने की हालत हो गई जब धर्मेंद्र ने सारा जिम्मा अपने कंधों पर लिया और एक पर एक हिट फिल्में देकर मेकर्स की चांदी करवा दी। धर्मेंद्र की इन 12 फिल्मों में 7 फिल्में ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
इसमें सबसे पहला नाम आता है हुकुमत का। धर्मेंद्र की एक्शन से भरपूर ड्रामा फिल्म हुकूमत ने 1987 में रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। अनिल शर्मा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में धर्मेंद्र और रति अग्निहोत्री मुख्य भूमिकाओं में थे। स्वप्ना और सदाशिव अमरापुरकर ने इसमें सपोर्टिंग रोल निभाया था। ये फिल्म इतनी ज्यादा सफल हुई थी कि इसका तमिल रीमेक ‘पुथिया वानम’ भी बना। हालात ऐसे हो गए थे कि कई दूसरी फिल्मों के मेकर्स ने अपनी रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया क्योंकि धर्मेंद्र के सामने टिक पाना मुश्किल था।
इसके अलावा ब्लॉकबस्टर साबित हुई अन्य 7 फिल्मों में आग ही आग, लोहा, वतन के रखवाले, इंसानियत के दुश्मन, इंसाफ कौन करेगा और दादागिरी शामिल हैं। इसकी एक और सबसे खासबात ये है कि धर्मेंद्र का ये रिकॉर्ड आजतक कोई नहीं तोड़ पाया है।
धर्मेंद्र ने छह दशकों से अधिक के अपने शानदार करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उन्हें हिंदी सिनेमा के इतिहास में सबसे सफल अभिनेताओं में से एक होने का गौरव प्राप्त हुआ है।




