गोरखपुर में कोच अटेंडेंट के जरिए शराब तस्करी का खुलासा, 109 बोतल के साथ गिरफ्तार
रेलवे पुलिस ने 20 दिन के भीतर दूसरे ट्रेन में कोच अटेंडेंट को शराब की बोतलों के साथ पकड़ा गया है। आरोप है कि ये ट्रेन में यात्रियों को शराब की सप्लाई करते थे।

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर में ट्रेनों के जरिए शराब तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यात्रियों की सुविधा के लिए तैनात कोच अटेंडेंट अब तस्करी का माध्यम बनते जा रहे हैं। सोमवार सुबह गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची एक स्पेशल ट्रेन से 109 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब के साथ एक कोच अटेंडेंट को गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई गोरखपुर और बस्ती रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने की। आरोपी के खिलाफ गोरखपुर जीआरपी थाने में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली-बरौनी स्पेशल (02564) के कोच S1 के अटेंडेंट, बिहार निवासी सनी कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से बरामद 109 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब की अनुमानित कीमत करीब 12 हजार रुपये बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि शराब को ट्रेन के इकोनॉमी कोच के माध्यम से ले जाया जा रहा था।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी आशंका जताई जा रही है कि शराब केवल तस्करी के लिए ही नहीं, बल्कि ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को भी उपलब्ध कराई जा रही थी। इस खुलासे ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरपीएफ ने आरोपी और बरामद शराब को गोरखपुर जीआरपी के हवाले कर दिया है। जीआरपी अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा है।
गौरतलब है कि करीब 20 दिन पहले भी जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने राप्तीसागर एक्सप्रेस से दो कोच अटेंडेंट को शराब के साथ गिरफ्तार किया था। उस मामले में शामिल दो आरोपी अब भी फरार हैं।
जीआरपी थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि बस्ती आरपीएफ से सूचना मिलने के बाद गोरखपुर में कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।




