‘सत्य और धर्म की हुई जीत’, बृजभूषण शरण सिंह के बेदाग बरी होने पर बोले सद्गुरु रितेश्वर महाराज
यौन उत्पीड़न मामले में अदालत से बरी होने के बाद बाद बृजभूषण शरण सिंह आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु रितेश्वर महाराज के दरबार पहुंचे।

मथुरा/उत्तर प्रदेश। यौन उत्पीड़न मामले में अदालत से बरी होने के बाद बाद बृजभूषण शरण सिंह सबसे पहले आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु रितेश्वर महाराज के वृंदावन स्थित उनके दरबार पहुंचे। इस अवसर पर सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने खुशी जाहिर करते हुए सत्य धर्म और धैर्य की जीत करार दिया। अदालत के फैसले पर सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने कहा कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते हुए यदि धैर्य रखा जाए तो न्यायपालिका से न्याय अवश्य मिलता है।
उन्होंने कहा कि एक पिता के रूप में आज मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि बृजभूषण पूरी तरह बेदाग और निर्मल होकर बाहर आए हैं। महाराज ने कहा कि भारतवासी न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और इस फैसले ने सिद्ध कर दिया कि धैर्य पूर्वक रहने से अंततः सत्य की ही विजय होती है। महाराज ने विश्वास जताया कि अब बृजभूषण शरण सिंह पहले से भी अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ राष्ट्रीय और सनातन धर्म की सेवा में अपना योगदान देंगे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने पूरे घटनाक्रम को अपने खिलाफ रचा गया अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र बताया। बृजभूषण ने कहा कि इस आंदोलन के पीछे केवल देश विरोधी ताकत ही नहीं बल्कि कनाडा और अमेरिका तक फैला नेटवर्क काम कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस षड्यंत्र में कांग्रेस आम आदमी पार्टी, ममता बनर्जी और वामपंथी दल शामिल थे। उन्होंने दोहराया कि मैंने पहले दिन कहा था कि यदि मेरे खिलाफ एक भी आरोप सत्य साबित हो जाए तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। आज भी मेरा वही स्टैंड है और अदालत ने मुझे सम्मान पूर्वक बरी किया है।
आश्रम परिसर में पत्रकारों ने अन्य राजनीतिक मुद्दों और राम मंदिर पर जब सवाल पूछे तो बृजभूषण शरण सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा होइहि वही जो राम रचि राखा। उन्होंने कहा कि आज महाराज के दरबार में उनकी मौजूदगी और मीडिया से बातचीत भी ऊपर वाले द्वारा ही निर्धारित थी ईश्वर ने जो निश्चित किया है वही होगा।



