रिसर्च, रियल लोकेशन और श्रद्धा से बनी एक अलग तरह की बायोपिक:श्री बाबा नीब करौरी महाराज

बेशक लंबे अरसे से कोई धार्मिक फिल्म सिनेमा घरों में रिलीज नहीं हो पाई, शायद फिल्म इंडस्ट्री के नामी मेकर अब यह समझ बैठे है कि जेन जेड सिर्फ एक्शन और रोमांस एक्शन वाली फिल्में ही पसंद करते है लेकिन जय बाबा नीम करौली पर बनी फिल्म के प्रेस शोज और प्रिव्यू शोज में 60 फीसदी के करीब युवाओं की मौजूदगी साबित करती है कि युवा वर्ग अपनी प्राचीन विरासत और साधु संतों पर बनी फिल्मों को देखना चाहता है ।
इस शुक्रवार देश भर में रिलीज हुई यह फिल्म धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी के अवतार माने जाने वाले नीम करोली बाबा की जीवनी का एक पहलू पेश करती है। बाबा के भक्तों में देश और विदेश के लोग शामिल हैं। बाबा के भक्तों में स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसी नामी हस्तियां शामिल हैं।
इस फिल्म के निर्माता शरद सिंह ठाकुर ने कई वर्षो तक नीम करोली बाबा ‘श्री बाबा नीब करोरी महाराज’ जिंदगी पर काफी रिसर्च की । इस फिल्म का उद्देश्य बाबा की शिक्षाओं और विरासत से युवा पीढ़ी का परिचय कराना है। आज बाबा के भक्त भारत और विश्व भर में फैले हुए हैं। 1973 में नीम करोली बाबा के निधन के दशकों बाद आज भी उनके लाखों अनुयायी उनसे प्रेरणा लेने आश्रम आते रहते हैं।
बाबा के भक्तों में एप्पल के हेड के अलावा अनुष्का शर्मा और विराट कोहली सहित अनेक हस्तियां शामिल है ।मराठी एक्टर सुबोध भावे ने नीम करोली बाबा की भूमिका को जीवंत कर दिखाया है ।फिल्म के मेकर बाबा के परिवार से कई बार मिले और फिर इस फिल्म की बनाने के अधिकार लिया आज बाबा की बेटी गिरिजा 80 साल की हैं। फिल्म शुरू करने से पहले चार साल तक रिसर्च की गई । इस फिल्म के निर्माता खुद भी नीम करोली बाबा के बड़े भक्त हैं। वह एक्टर, लेखक, निर्माता और निर्देशक भी हैं। नीम करौली बाबा जैसी फिल्म बनाना आसान कार्य नहीं है रीयल लोकेशन पर फिल्म को शूट करना बाबा के परिवार से फिल्म बनाने की अनुमति लेकर इस प्रोजेक्ट को शुरू करना इस फिल्म को दूसरी फिल्मों से अलग बना देता है यह फिल्म सिर्फ सिर्फ बाबा करौली के भक्तों को ही नहीं हर उस दर्शक को देखनी चाहिए जो धार्मिक फिल्में पसंद करते है और चाहते है ऐसी फिल्में आगे भी बने तो उन्हें अपने परिवार के साथ यह फिल्म देखनी चाहिए और इस फिल्म को सभी राज्य सरकारों को टैक्स फ्री करना चाहिए।




