5 महीने बाद गैंगरेप का आरोपित इनामी निलंबित दरोगा गिरफ्तार, 6 जिलों में दबिश के बाद कानपुर में मिला आरोपित
कानपुर के सचेंडी में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी निलंबित दारोगा अमित मौर्या को पुलिस ने पांच महीने बाद गिरफ्तार कर लिया है।

कानपुर/उत्तर प्रदेश। सचेंडी में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के दूसरे आरोपित 50 हजार के इनामी दारोगा गोरखपुर के अमित मौर्या को शुक्रवार को पुलिस ने सोना गांव के पास से गिरफ्तार किया है। वह पुलिस की गतिविधियों को जानने के लिए अपने एक साथी के पास मिलने शहर आया था। पुलिस ने मुकदमा होने के दूसरे दिन ही मुख्य आरोपित यूट्यूबर शिवबरन सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके खिलाफ अप्रैल में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
सचेंडी के एक गांव में पांच जनवरी की रात 14 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। पीड़िता ने पुलिस चौकी पहुंचकर सचेंडी के यूट्यूबर शिवबरन यादव और भीमसेन चौकी के तत्कालीन दारोगा मूलरूप से गोरखपुर के बेलाघाट कुरी बाजार निवासी अमित मौर्या पर आरोप लगाए थे। आरोप है कि सचेंडी थाने की पुलिस भी दोनों को बचाने में लगी थी।
मामला लखनऊ तक पहुंचा तो पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के आदेश पर पुलिस ने यूट्यूबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि दारोगा को निलंबित कर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। तब से पुलिस और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, गाजियाबाद, महाराजगंज, मेरठ जिले के संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी।
निलंबित दारोगा ने अपने बचाव के लिए चार पेज का पत्र वाट्सएप ग्रुपों पर डालकर अपनी सफाई दी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में मुकदमा रद करने की याचिका लगाई, पर वह खारिज हो गई, जिसके बाद पुलिस ने अप्रैल में गोरखपुर उसके घर पर डुगडुगी पिटवाकर कोर्ट की उद्घोषणा का नोटिस चस्पा किया था। अब कुर्की की प्रक्रिया की तैयारी कर रही थी। इसीबीच शुक्रवार को पुलिस ने उसे सचेंडी के सोना गांव के पास से दबोच लिया। उसे पुलिस ने जेल भेज दिया।




