‘4 बच्चे पैदा करो, एक आरएसएस को दो’, बागेश्वर बाबा के बयान पर बोले मंत्री जीतन राम मांझी

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर के एक कार्यक्रम में कहा कि बच्चे चार पैदा करो, लेकिन एक आरएसएस को दो। इस बयान पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बयान आया है, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर संकीर्ण सोच नहीं रखने की सलाह दी है।
पटना/एजेंसी। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री (एमएसएमई) जीतन राम मांझी ने जनसंख्या पर अपनी टिप्पणी से एक नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को जनसंख्या वृद्धि या संतानोत्पत्ति को लेकर संकीर्ण सोच नहीं रखनी चाहिए। उनका यह बयान धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा के उन बयानों के जवाब में आया है, जिन्होंने हाल ही में नागपुर दौरे के दौरान कथित तौर पर लोगों से चार संतानें पैदा करने और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को समर्पित करने का आग्रह किया था।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्हें धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के बयान के सटीक संदर्भ की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने जनसंख्या के बारे में व्यापक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या बढ़ाने या बच्चे पैदा करने के मामले में संकीर्ण सोच नहीं रखनी चाहिए।
केंद्रीय लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने विचार को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मनुष्य केवल पेट भरने के लिए ही पैदा नहीं होता, बल्कि काम करने के लिए हाथ और सोचने के लिए दिमाग भी लेकर पैदा होता है। यह अनुमान लगाना असंभव है कि कोई बच्चा कितना महान व्यक्ति बनेगा। यदि रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं और प्रभावी ढंग से शासन किया जाए, तो सभी का भरण-पोषण किया जा सकता है।
जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि भारत की वर्तमान जनसंख्या लगभग 140 करोड़ है और उन्होंने एक ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीन काल में, जब जनसंख्या इतनी विशाल थी, तब भारत को ‘विश्व गुरु’ (वैश्विक नेता) माना जाता था और जनसंख्या के आकार को लेकर कोई सख्त चिंता नहीं थी।
केंद्रीय लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि की वकालत नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि जनसंख्या बढ़ती है, तो शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक हो जाता है।
जीतन राम मांझी के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, और जानकारों का मानना है कि इससे बिहार में जनसंख्या नीति को लेकर चल रही बहस और तेज हो सकती है। भाजपा की वैचारिक संस्था, आरएसएस, भारत में हिंदू आबादी की उच्च जन्म दर का हमेशा समर्थन करती रही है।




