पाकिस्तान-नेपाल-बांग्लादेश से जुड़े आर्म्स स्मगलिंग नेटवर्क का भंडाफोड़

10 गिरफ्तार, 21 विदेशी हथियार बरामद

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े नेटवर्क के जरिए भारत में अवैध हथियारों की तस्करी कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 21 अत्याधुनिक विदेशी हथियार, एक सब-मशीन गन और 200 कारतूस बरामद किए हैं। गिरोह का संचालन दिल्ली के पुराने शहर यानी वॉल्टेड सिटी क्षेत्र से किया जा रहा था। आरोपी अवैध हथियारों को दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में सक्रिय अपराधी गिरोहों तक पहुंचाते थे।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन वाला हथियार तस्करी नेटवर्क
क्राइम ब्रांच के अनुसार यह मॉड्यूल पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़ा हुआ था। पाकिस्तान से हथियार पहले मध्य-पूर्व के देशों में भेजे जाते थे। इसके बाद उन्हें कबाड़ के सामान के साथ अलग-अलग हिस्सों में नेपाल पहुंचाया जाता था, जहां दोबारा जोड़ा जाता था। नेपाल से इन हथियारों को भारत-नेपाल सीमा के रास्ते भारत में तस्करी कर दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य इन्हें विभिन्न गैंग और अपराधियों को बेचते थे। क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने निरीक्षक मन सिंह, निरीक्षक अरविंद सिंह और निरीक्षक सुंदर गौतम के नेतृत्व में इस पूरे नेटवर्क पर निगरानी शुरू की। तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मानव स्रोतों की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
13 मार्च 2026 को पुलिस टीम ने दरियागंज के बृजमोहन चौक के पास जाल बिछाकर तीन आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से तीन पिस्टल और 14 कारतूस बरामद हुए। इस मामले में पुलिस ने कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें राहिल, हाशिम, सैम, सोनू गुप्ता, घनश्याम शर्मा उर्फ घनी, वसीम मलिक, निशांत अरोड़ा उर्फ नोनी, नवाब, मोहम्मद नौमान और मोहम्मद नौशाद शामिल हैं। ये सभी दिल्ली, गाजियाबाद और बुलंदशहर के रहने वाले हैं और गिरोह के अलग-अलग हिस्सों में काम करते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी सोनू गुप्ता को पकड़ने के दौरान उसने पिस्टल निकालकर पुलिस पर फायर करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस टीम ने साहस दिखाते हुए उसे काबू कर लिया। उसके बैग से पांच विदेशी पिस्टल और 95 कारतूस बरामद किए गए।
मुख्य सरगना शाहबाज अंसारी फरार
जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क का मुख्य सरगना शाहबाज अंसारी है, जो बुलंदशहर का रहने वाला है। वह पहले भी अवैध हथियार तस्करी के मामलों में शामिल रहा है और फिलहाल भारत से फरार होकर बांग्लादेश में छिपा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार शाहबाज अंसारी पहले भी कई बड़े आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और उस पर संगठित अपराधियों को हथियार सप्लाई करने के आरोप हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार और सामान बरामद किया है। इनमें एक स्कॉर्पियन सब-मशीन गन है, जोकि चेक गणराज्य में बनी हैं। इटली, जर्मनी, ब्राजील, तुर्किये और चीन की बनी 20 विदेशी पिस्टल बरामद की गई हैं। इसके साथ ही 200 कारतूस, 10 मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद की गई है। इनमें बरामद कुछ पिस्टल अत्याधुनिक हैं और आमतौर पर विशेष सुरक्षा बलों द्वारा उपयोग की जाती हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए इंटरनेट कॉलिंग ऐप और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे। वे बार-बार सिम कार्ड और मोबाइल फोन बदलते रहते थे। सभी लेन-देन हवाला के जरिए किए जाते थे ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में सक्रिय गैंगस्टरों और कॉन्ट्रैक्ट किलरों को हथियार उपलब्ध कराता था। इन हथियारों का इस्तेमाल गैंगवार, रंगदारी और टारगेट किलिंग जैसे अपराधों में किया जाता था।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के कारण एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेश में बैठे हैंडलरों की भी जांच कर रही हैं।

आर्म्स स्मगलिंग नेटवर्क पर एक्शन

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