आईपीयू के ईस्ट कैंपस में देहदान पर केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव का आगाज

नई दिल्ली। आईपी यूनिवर्सिटी के ईस्ट कैंपस में आज देहदान एवं अंगदान के महत्व पर केंद्रित दो दिवसीय फ़िल्म महोत्सव की शुरुआत की गई। दधीचि देहदान समिति द्वारा आयोजित किए जा रहे इस तरह के मौज़ू विषय पर आयोजित किए जा रहे विश्व के प्रथम अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव “वरदान” का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में पाँच लाख से ज़्यादा लोगों को अंगदान की ज़रूरत है।उसके मद्देनजर दिल्ली सरकार ने भारत सरकार के “नोटो” की तर्ज पर अंगदान से संबद्ध पोर्टल “सोटो” हाल ही में शुरू किया है।उस पोर्टल पर अब तक 800 से ज़्यादा पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मानवता के कल्याण के लिए “जीते जी रक्तदान और जाते-जाते अंग दान” का प्रण लें। उन्होंने कहा कि फ़िल्म अत्यंत ही सशक्त माध्यम है।निःसंदेह इस विषय पर केंद्रित फ़िल्म फेस्टिवल के आयोजन से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वे अंगदान के लिए आगे आयेंगे।
इस अवसर पर उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने श्रीलंका का दृष्टांत देते हुए कहा कि जागरूकता की वजह से वहाँ एशिया का सबसे बड़ा “आई बैंक” है।हमारे यहाँ भी उसी तरह की जागरूकता की दरकार है। आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के विषय पर आयोजित फ़िल्म फेस्टिवल समाज में जागरूकता के वाहक हैं। यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) महेश वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि देहदान आपको मरने के बाद भी समाज में ज़िंदा रखता है।
हाल में पद्मश्री से सम्मानित “डोनेट लाइफ” के अध्यक्ष निलेश मंडलेवाला एवं विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दधीचि देहदान समिति के संरक्षक आलोक कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर जाने-माने हिंदी अभिनेता मनोज जोशी ने यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए फ़िल्म मेकिंग पर एक मास्टर क्लास भी लगाया। दो दिनों के इस फ़िल्म महोत्सव में देश-विदेश से आमंत्रित 62 चुनिंदा लघु फ़िल्में दिखाई जायेंगीं।




