लखनऊ में साइबर ठगी का पर्दाफाश: बैंक डिप्टी मैनेजर समेत 3 गिरफ्तार
फर्जी फर्मों से 6 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़

लखनऊ/एजेंसी। राजधानी लखनऊ में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। गुरुवार को लखनऊ साइबर सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने एक निजी बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर उत्तम विश्वास समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरोह फर्जी कंपनियों और करंट अकाउंट्स के जरिए देशभर के साइबर अपराधियों से ठगी की रकम कमीशन पर मंगवाता था। अन्य गिरफ्तार आरोपी हैं उमाकांत वर्मा और राजीव विश्वास।
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि डिप्टी ब्रांच मैनेजर उत्तम विश्वास अपनी पद का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों के नाम पर करंट अकाउंट खोलता था। उसके साथी उमाकांत वर्मा और राजीव विश्वास साइबर ठगों से संपर्क कर ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर करवाते थे। गिरोह कमीशन के रूप में रकम का हिस्सा अपने पास रखता था। जांच में 10 फर्जी फर्मों के नाम पर खोले गए अकाउंट्स का पता चला है।
जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, हरियाणा सहित सात राज्यों में सक्रिय था। अब तक 40 से अधिक साइबर ठगी के मामलों की रकम इन खातों में भेजी गई। तीन फर्जी खातों में करीब 6 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है। पुलिस को शक है कि कई अन्य बैंक अधिकारी और साइबर ठग भी इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी गई है। उनके बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा और ईमेल की गहन जांच की जा रही है। डीसीपी ने कहा, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। साइबर ठगी की रकम को छिपाने और आगे भेजने का पूरा सिस्टम तैयार था। पुलिस जल्द ही अन्य संलिप्त लोगों तक पहुंचने की उम्मीद कर रही है।




