ग्रेटर नोएडा में 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को बचाने के लिए एकजुट हुए लोग, आस्‍था और विकास में टकराव

खाली जमीन और ग्रीन बेल्ट से पेड़ हटा चल रहा निर्माण

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से 130 मीटर रोड पर अलग से बस-वे लेन का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन, सेक्टर पाई-1 के पास इस निर्माणाधीन रोड के बीच में करीब 100 साल पुराना पीपल का पेड़ आ गया है। आसपास के लोग इसे बचाने के लिए एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि यह पेड़ उनकी आस्था से जुड़ा है। वे इसकी पूजा करते हैं। लिहाजा, पेड़ को नुकसान न पहुंचाया जाए। ऐसे में अब अथॉरिटी के अधिकारी पेड़ को बचाने के लिए विकल्प तलाशने में जुट गए हैं।
सिरसा गोलचक्कर से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ सिटी चौक तक 27 किमी लंबी 130 मीटर रोड दोनों शहरों के बीच की लाइफ लाइन है। बिना किसी रुकावट और जाम में फंसे इस पर सफर किया जा सकता है। नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने के बाद ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाएगा। इसको ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी इस रोड पर अलग से बस-वे लेन का निर्माण करा रही है। बस-वे लेन बनाने के लिए 130 मी रोड की साइड में छोड़ी गई जमीन और कई जगह ग्रीन बेल्ट से पेड़ हटाकर निर्माण कार्य चल रहा है।
130 मीटर रोड पर पाई-1 सेक्टर के पास पुराना पीपल का पेड़ है, जो रोड के बीच आ गया है। अथॉरिटी के अधिकारियों ने पेड़ के दोनों तरफ मिट्टी डालनी शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल पेड़ को छोड़ दिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों तरफ पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बड़े वाहनों का निकलना संभव नहीं होगा। बिरोडी समेत आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि यह पेड़ उनकी आस्था से जुड़ा हुआ है। वे उसकी पूजा करते हैं और पेड़ को काटने नहीं देंगे। उनका दावा है कि यह पेड़ 100 साल पुराना है और उनके बुजुर्गों की आस्था भी पेड़ से जुड़ी हुई थी। पेड़ के दोनों तरफ पर्याप्त जगह है, जहां से रोड निकाली जा सकती है।

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