लाइसेंसी रिवॉल्वर लहराकर डांस करने वाले जेलर को जाएगा कारण बताओ नोटिस फिर रद्द होगा लाइसेंस

सीमापुरी थाने के पास बैंक्वेट हॉल में घोंडा से बीजेपी की निगम पार्षद के पति की चल रही थी जन्मदिन पार्टी

 

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। बर्थडे पार्टी में नायक नहीं खलनायक हूं मैं..गाने पर लाइसेंसी रिवॉल्वर लहराकर डांस करने वाले जेलर पर मीडिया में खबर छपते ही असर भी हो गया है। दरअसल डीजी तिहाड़ ने ना सिर्फ जेलर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। बल्कि मामले की जांच के लिए 15 अधिकारियों की कमिटी का भी गठन किया गया है। यही नहीं डीसीपी शाहदरा सुरेंद्र चौधरी ने इस मामले में लाइसेंसिंग डिपार्टमेंट के डीसीपी को भी लिखा है। जिसमें जेलर के लाइसेंसी पिस्टल का गलत इस्तेमाल करने का जिक्र किया गया है। जिस पर लाइलेंसिंग डिपार्टमेंट की तरफ से कहा गया है कि वह पहले जेलर को कारण बताओ नोटिस भेजेंगे। इसके बाद लाइसेंस को सस्पेंड कर देंगे। जिसके चलते जेलर दीपक शर्मा को वो रिवॉल्वर सरेंडर करनी होगी।बता दें कि गुरुवार देर रात सीमापुरी थाने के पास बैंक्वेट हॉल में घोंडा से बीजेपी की निगम पार्षद के पति की जन्मदिन पार्टी चल रही थी। जिसमें जेलर भी शामिल हुए थे। देर रात उन्होंने नशे में लोगों को विडियो ना बनाने की धमकी देने के बाद रिवॉल्वर लहराते हुए डांस किया था। पार्टी में मौजूद सूत्र ने रिवॉल्वर लहराते हुए जेलर का विडियो बना लिया था। सूत्रों के अनुसार एक संवाददाता को वह विडियो भेजते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। साथ ही कहा कि जेलर ने कई राउंड हर्ष फायरिंग भी की थी। हालांकि इसका कोई विडियो उनके पास नहीं था। सूत्र का दावा था कि पुलिस जांच करेगी तो उनके हाथ सबूत भी लग जाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम को मीडिया में ‘जेलर ने बर्थडे पार्टी में किया तमंचे पर डस्को’ शीर्षक से प्रमुख्ता से छापा था। इसके कुछ देर बाद ही जेलर को सस्पेंड कर दिया गया था।
यूं तो जब कोई आम आदमी लाइसेंसी पिस्टल को इस तरह लहरा देता है तो उस पर आर्म्स एक्ट की धारा का उल्लंघन का केस दर्ज किया जाता है। मगर इस मामले पर अधिकारियों का कहना है कि जेलर ने किसी को धमकी नहीं दी है, सिर्फ दिखावे के लिए रिवॉल्वर लहराई है। फिर किसी ने लिखित शिकायत भी नहीं दी है तो इसलिए संबंधित विभागों जैसे डीजी तिहाड़ और लाइसेंसिंग डिपार्टमेंट को एक्शन के लिए लिख दिया था।
जेलर के मामले की जांच के लिए जो जांच कमिटी बनाई गई है। उसे लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल जेल प्रशासन ने 15 अधिकारियों की कमिटी बनाई है। ऐसे में दिल्ली पुलिस के दूसरे अधिकारियों व कर्मचारियों का ही यह कहना है कि अगर जेलर के साथ काम करने वाले अधिकारी यह जांच करेंगे तो जांच प्रभावित हो सकती है। क्योंकि जेलर का अपना प्रभाव है। वह सभी को अच्छे से जानता है।
जेलर के कई पुराने विडियो भी सामने आने लगे हैं। एक बात पुलिस महकम में सभी को खूब खल रही है। वो बात यह है कि जेलर अपनी वर्दी में ही कई ऐसे काम करते हुए देखे गए हैं, जो किसी अधिकारी को शोभा नहीं देते। जैसे वर्दी में रील बनाना, शोरूम का उद्घघाटन करना आदि। अब हर कोई जेलर के इस रवैये की चर्चा कर रहा है।

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