राम मंदिर चढ़ावे में गबन का सीक्रेट मीडिया तक खबर पहुंचाने वाले ‘भेदिया’ की हो गई पहचान
राम मंदिर की दानराशि में गबन की जानकारी मीडिया तक पहुंचाने वाले 'भेदिया' की पहचान कर ली गई है।

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। राम मंदिर की दानराशि में कथित गबन प्रकरण की जानकारी मीडिया तक पहुंचाने वाले ‘भेदिया’ की पहचान कर ली गई है। अब इस समूह के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, हालांकि अंतिम निर्णय के लिए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की सहमति का इंतजार है।
सूत्रों के अनुसार, यह समूह रामजन्मभूमि परिसर के सेवादारों और ट्रस्ट कर्मियों से जुड़ा हुआ है। इसने न केवल मंदिर व्यवस्था से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति के नेटवर्क को कमजोर किया, बल्कि पूरे मामले को मीडिया तक भी पहुंचाया। पिछले पखवाड़े से चल रही हलचल और एसआईटी जांच के बीच ही सूचना लीक करने वालों का पता लगाकर इसकी जानकारी उच्च स्तर तक पहुंचा दी गई है।
बताया जा रहा है कि इस प्रकरण के पीछे परिसर में वर्चस्व स्थापित करने की आंतरिक प्रतिस्पर्धा भी एक बड़ा कारण रही है। अन्यथा इस मामले को अंदर ही दबाने की तैयारी थी। जांच में अब तक सामने आया है कि दानराशि में गड़बड़ी का यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था और यदि अंदरूनी लोगों द्वारा जानकारी बाहर न लाई जाती, तो यह मामला सार्वजनिक नहीं हो पाता।
सूत्रों का कहना है कि मंदिर व्यवस्था से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति का परिसर में बढ़ता दबदबा कुछ लोगों को असहज कर रहा था। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही उसने व्यवस्था पर मजबूत पकड़ बना ली थी और विभिन्न कार्यों में उसका प्रभाव देखा जा रहा था। इसी कारण उसके नेटवर्क को कमजोर करने के लिए रणनीति बनाई गई।
बताया जाता है कि पहले उससे नजदीकियां बढ़ाकर सूचनाएं जुटाई गईं और बाद में संबंधित पदाधिकारियों तक यह जानकारी पहुंचाई गई। मामला दबता देख अंततः इसे मीडिया में लीक कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के सूत्रधार की तलाश कई दिनों से की जा रही थी, जिसे अब पहचान लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस समूह में ट्रस्ट कर्मियों के अलावा कुछ स्वयंसेवक भी शामिल हैं, जो स्थानीय नहीं हैं, बल्कि अन्य जिलों से आकर सेवा दे रहे हैं। वे संगठन से जुड़े होने के साथ ही वरिष्ठ पदाधिकारियों के विश्वस्त बताए जा रहे हैं, जिसके चलते तत्काल कार्रवाई को लेकर सावधानी बरती जा रही है।
इधर, एसआईटी जांच के चलते परिसर में कार्यरत कर्मचारियों में भय का माहौल है। कई लोग मोबाइल फोन पर बातचीत करने से भी बच रहे हैं, जबकि कुछ के मोबाइल जब्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। अब इस पूरे मामले के अंतिम निष्कर्ष और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।




