वनकर्मियों पर हमले के मामले में आप विधायक चैतर वसावा दोषी, 7 साल की सजा; सदस्यता पर संकट
गुजरात में आम आदमी पार्टी के सबसे फायरब्रांड नेता चैतर वसावा को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। वसावा को यह सजा 2023 में अक्टूबर महीने में वनकर्मियों पर हमले के मामले में दोषी करार देते हुए सोमवार को सजा का ऐलान किया। दो साल से अधिक की सजा होने से चैतर वसावा की विधायकी खतरे में आ गई है।

अहमदाबाद/एजेंसी। गुजरात में आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है। चैतर वसावा और उनकी पत्नी समेत कुल 9 लोगों को वनकर्मियों पर हमले के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया है। फैसले के बाद वसावा की विधायकी पर भी संकट गहराता नजर आ रहा है। नर्मदा जिले की डेडियापाड़ा विधानसभा सीट से विधायक वसावा के खिलाफ राजपीपला स्थित सेशंस कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया। अतिरिक्त सेशंस जज ए. वी. हिरपारा ने अक्टूबर 2023 के मामले में उन्हें दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
मामला अक्टूबर 2023 का है, जब वन विभाग के अधिकारियों ने नर्मदा जिले में सरकारी वन भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई फसलों को हटाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद मुआवजे और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए वनकर्मियों को वसावा के डेडियापाड़ा स्थित आवास पर बुलाया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बैठक के दौरान विवाद बढ़ गया और वनकर्मियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप यह भी है कि डर का माहौल बनाने के लिए वसावा ने हथियार से हवा में फायरिंग की। अगले दिन वन अधिकारियों से कथित तौर पर 60,000 रुपये की जबरन वसूली करने का भी आरोप लगाया गया।
घटना के बाद वसावा करीब एक महीने तक फरार रहे थे। पुलिस ने शुरुआती दौर में उनकी पत्नी शकुंतला वसावा और उनके निजी सहायक को गिरफ्तार कर लिया था। गुजरात हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद वसावा ने 14 दिसंबर 2023 को आत्मसमर्पण किया था। बाद में उन्हें नियमित जमानत मिल गई थी।
इस मामले में 2 नवंबर 2023 को एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि 30 जनवरी 2024 को चार्जशीट दाखिल की गई। 7 अगस्त 2025 को आरोप तय किए गए और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के 17 गवाहों से पूछताछ की गई।
कोर्ट के इस फैसले को वसावा ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकते हैं, लेकिन दो वर्ष से अधिक की सजा होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता पर खतरा मंडरा गया है। वहीं, आम आदमी पार्टी शुरुआत से इस पूरे मामले को साजिश करार देती रही है।




