चोरों के निशाने पर कार नहीं, साइसलेंसर की मिट्टी, 4000 रुपये किलो तक बिक रही

फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर में कार के साइलेंसर चोरों के निशाने पर हैं। चोर कार का साइलेंसर चोरी कर रहे हैं। वो भी साइलेंसर में लगी ‘मिट्टी’ के लिए। यह मिट्टी सड़क या मैदान में पड़ी कोई आम मिट्टी नहीं है। चोर इसे तीन से चार हजार रुपये किलो में बेच रहे हैं। ऐसा ही एक मामला डबुआ थाना पुलिस ने पुरानी कार खरीदने वाली एक कंपनी के ड्राइवर के खिलाफ दर्ज किया है। ड्राइवर कारों के साइलेंसर से मिट्टी चोरी करता है। यह मिट्टी स्पेशल पार्ट्स होता है। दिल्ली की गोविंदपुरी में रहने वाले महेश कुमार कार 24 कंपनी में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। यह कंपनी पुरानी कारों को खरीदने व बेचने का काम करती है। ग्राहक अपनी कार को बेचने के लिए कंपनी से संपर्क करते हैं, जिसके बाद कंपनी की टीम कार को चेक करके रेट निर्धारित करती है। इसके बाद डील पक्की होने के बाद कंपनी कार को लाने के लिए ड्राइवर भेजती है।
ड्राइवर ग्राहक के घर से कार लेकर गुड़गांव में सेक्टर-59 में कंपनी के यार्ड तक पहुंचाते हैं, लेकिन ड्राइवर फरीदाबाद में ग्राहकों के घर से कार लेने के बाद कंपनी को धोखा देकर अधिक से अधिक मुनाफा कमाने के प्रयास में रहते हैं। कार को किसी अन्य स्थान पर लेकर जाकर मिस्त्री से गाड़ी के पार्ट्स बदलवाते हैं और खास तौर पर साइलेंसर की मिट्टी को चोरी करते हैं। कंपनी मैनेजर महेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि सुनील नाम के ड्राइवर ने 24 फरवरी को फरीदाबाद की दो कारों को गुड़गांव यार्ड नहीं पहुंचाया। सुनील ने अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर रखा है। पता चला कि सुनील ने डबुआ कॉलोनी में किसी वर्कशॉप में साइलेंसर चोरी करने के लिए कार छुपा कर खड़ी की हुई है। इतना ही नहीं 21 फरवरी को सुनील ने एक कार गुड़गांव यार्ड में छोड़ी, जिसके साइलेंसर से मिट्टी गायब मिली। उस जगह पर लोहे की जाली डालकर ऊपर से वेल्डिंग की गई थी। मैनेजर ने शक जताया कि इस चोरी में केवल सुनील ही नहीं बल्कि अन्य ड्राइवरों के अलावा स्टाफ के कर्मचारी भी जुड़े होंगे।

ग्रेटर फरीदाबाद कार केयर सेंटर के डायरेक्टर साहिद खान बताते हैं कि साइलेंसर के बीच में एक प्लेटनुमा पार्ट लगा होता है। इसे मिट्टी कहा जाता है। इसका काम कार में से निकलने वाले कॉर्बन को कंट्रोल करना है। दूसरे शब्‍दों में कहें कि यह कार से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करता है। उन्होंने बताया कि मिट्टी की यह नई प्लेट बाजार में 12 से 13 हजार रुपये की आती है। यह मिट्टी सभी तरह की कार में लगी होती है। इस प्लेट में प्लेटिनम (जिसे वाइट गोल्ड भी कहा जाता है) के साथ सिल्वर यानी चांदी लगी होती है। धोखाधड़ी से कार में से मिट्टी निकलवाने के लिए वर्कशॉप में काम करने वाले लड़कों को एक-दो हजार रुपये का लालच देते हैं कि चुपके से निकालकर उन्‍हें दे दिया जाए। ईको के अलावा दूसरी कारों की बात करें तो उनके साइलेंसर में से निकलने वाली मिट्टी का वजन 450 ग्राम होता है, जबकि ईको कार से निकलने वाली मिट्टी का वजन 950 ग्राम होता है। कबाड़ के रूप में यह मिट्टी बाजार में तीन से चार हजार रुपये किलो तक बिक जाती है। इसी के चलते फरीदाबाद में अक्सर साइलेंसर चोरी के मामले सामने आ रहे हैं।

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