26 जनवरी पर ‘मेड इन इंडिया’ गन से दी जाएगी 21 तोपों की सलामी, अब तक ब्रिटिश तोप से होती थी यह रस्म

- पहली बार देसी फील्ड गन से दी जाएगी 21 तोपों की सलामी
- अब तक ब्रिटिश 25 पाउंडर गन से दी जाती रही है सलामी
- गन्स में जो एम्युनिशन इस्तेमाल होगा, वह भी देसी ही होगा
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर इस बार ब्रिटिश गन से नहीं बल्कि स्वदेशी गन से सलामी दी जाएगी। गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी जाती है। अब तक ब्रिटिश 21 पाउंडर गन से यह दी जाती रही है। अब कर्तव्यपथ पर स्वदेशी 105 एमएम फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसमें जो एम्युनिशन इस्तेमाल होगा वह भी स्वदेशी ही होगा। गणतंत्र दिवस की परेड विजय चौक से लाल किले तक जाएगी। यह सुबह 10.30 बजे शुरू होगी और 12 बजे तक चलेगी। तीन परमवीर चक्र विजेता और तीन अशोक चक्र विजेता सुप्रीम कमांडर यानी राष्ट्रपति को सलामी देंगे। इस बार मिस्र के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं। परेड में मिस्र का मार्चिंग दस्ता और बैंड भी शामिल होगा। भारतीय सेना जो इक्विपमेंट प्रदर्शित करेगी सारे स्वदेशी होंगे।
सेना के धारदार हथियार
सेना के इक्विपमेंट में तीन अर्जुन-मार्क वन टैंक, एक नाग मिसाइल सिस्टम, दो बीएमपी, एक ब्रह्मोस मिसाइल, दो 10 मीटर के शॉर्ट स्पैन ब्रिज, एक मोबाइल माइक्रोवेव नोड और मोबाइल नेटवर्क सेंटर, दो आकाश मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। फ्लाईपास्ट में आर्मी एविएशन कोर के दो अडवांस लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव और दो रुद्र शामिल होंगे। भारतीय सेना की तरफ से परेड में डोगरा रेजिमेंट, गोरखा रेजिमेंट, मराठा लाइट इन्फेंट्री, बिहार रेजिमेंट, मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री के दस्ते शामिल होंगे।



