तीन महीने से फाइल पर हस्ताक्षर न होने का आरोप, एसडीएम कार्यालय में अर्धनग्न होकर अधिवक्ता का प्रदर्शन
रीवा स्थित एसडीएम कोर्ट में उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक वकील अर्धनग्न होकर वहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि राजस्व की तमाम प्रक्रियाएं पूरी हो गईं लेकिन एसडीएम के एक साइन के लिए फाइल तीन महीने से अटकी है।

रीवा,मध्य प्रदेश। एसडीएम कार्यालय में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक अधिवक्ता ने राजस्व प्रकरण की फाइल पर लंबे समय से हस्ताक्षर नहीं होने का आरोप लगाते हुए अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें अधिवक्ता हाथ में कपड़े और जूता लेकर कार्यालय परिसर में घूमते नजर आ रहे हैं।
प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ता संतोष पांडेय का आरोप है कि उनके पक्षकार से संबंधित राजस्व प्रकरण में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन फाइल पर केवल हस्ताक्षर नहीं होने के कारण मामला करीब तीन महीने से लंबित है। उनका कहना है कि इस दौरान उन्हें लगातार तारीखों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि उनके पक्षकार को नागपुर से रीवा आना पड़ता है। बार-बार कार्यालय आने और तारीख मिलने से पक्षकार को परेशानी हो रही है।
अधिवक्ता के मुताबिक, पट्टे से संबंधित फाइल में सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए जा चुके हैं और पक्षकार भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर चुका है। इसके बावजूद फाइल आगे नहीं बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही कि फाइल किस कारण से रोकी गई है और इसका निस्तारण कब तक होगा।
इसी से नाराज होकर अधिवक्ता ने एसडीएम कार्यालय परिसर में अपने कपड़े उतारकर विरोध जताया। वायरल वीडियो में वह केवल बनियान और अंडरवियर पहने कार्यालय के गलियारों में हाथ में कपड़े और जूता लेकर घूमते दिखाई दे रहे हैं। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से कार्यालय में मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
अधिवक्ता का कहना है कि राजस्व न्यायालय में मामलों के निस्तारण में देरी का सीधा असर पक्षकारों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब फाइल के निस्तारण की कोई स्पष्ट समयसीमा या वजह नहीं बताई जाती तो अधिवक्ताओं के लिए भी अपने पक्षकारों को जवाब देना मुश्किल हो जाता है।
घटना के बाद राजस्व प्रकरणों के निस्तारण और कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। अधिकारियों की प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही फाइल लंबित रहने के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




