पाकिस्तान को मिला नया हथियार, पहली बार दिखाया चीनी एच-क्यू-17ए-ई एयर डिफेंस सिस्टम

पाकिस्तानी वायुसेना ने एक प्रोपेगेंडा वीडियो में पहली बार चीन के एच-क्यू-17ए-ई एयर डिफेंस सिस्टम को प्रदर्शित किया है। यह पहला मौका है, जब पाकिस्तान ने चीनी एच-क्यू-17ए-ई एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती को कबूल किया है। एच-क्यू-17ए-ई एक शॉर्ट रेंज का एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे खास तौर पर दुश्मन के कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन के लिए विकसित किया गया है।

इस्लामाबाद/एजेंसी। पाकिस्तान वायुसेना ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक प्रचार वीडियो में चीन के एच-क्यू-17ए-ई वायु रक्षा तंत्र को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही पहली बार पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि यह वायु रक्षा तंत्र उसके पास परिचालन स्थिति में है। चीन की ओर से भी इसकी पुष्टि की गई है। चीनी सैन्य मामलों के विशेषज्ञ वांग युनफेई ने ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान इस तंत्र का पहला ग्राहक और अंतरराष्ट्रीय उपयोगकर्ता बन गया है।
वांग युनफेई के अनुसार, एच-क्यू-17ए-ई के पाकिस्तान की वायु रक्षा व्यवस्था में शामिल होने से कम दूरी की वायु रक्षा क्षमता में मौजूद कमी को दूर करने में मदद मिल सकती है। विशेष रूप से ड्रोन जैसे कम ऊंचाई पर उड़ने वाले खतरों से निपटने में यह तंत्र उपयोगी साबित हो सकता है।
चीनी विशेषज्ञ के मुताबिक पाकिस्तान पहले से चीन के एच-क्यू-9 लंबी दूरी के वायु रक्षा तंत्र का इस्तेमाल करता है, जिसमें एच-क्यू-9/पी और एच-क्यू-9बी-ई संस्करण शामिल हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने चीन के एच-क्यू-16 श्रृंखला के वायु रक्षा तंत्र भी तैनात कर रखे हैं। इनमें एल-वाई-80 से लेकर विस्तारित मारक क्षमता वाले एच-क्यू-16एफ-ई और एच-क्यू-16ए-ई तक के संस्करण शामिल हैं। चीन का दावा है कि ये तंत्र पाकिस्तान की सेना और वायुसेना के लंबी दूरी के वायु रक्षा नेटवर्क की प्रमुख कड़ी हैं।
चीन ने एच-क्यू-17ए-ई वायु रक्षा तंत्र को वर्ष 2021 में ग्वांगडोंग प्रांत के झूहाई में आयोजित चीन अंतरराष्ट्रीय विमानन और अंतरिक्ष प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया था। इसे चीन का स्वदेशी रूप से विकसित बहु-प्रतिक्रियाशील वायु रक्षा मिसाइल तंत्र बताया जाता है। इसे चीन की सरकारी स्वामित्व वाली एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन की दूसरी अकादमी ने विकसित किया है। चीनी दावे के अनुसार, यह लंबे समय तक हवा में मंडराने वाले लक्ष्यों को रोकने के साथ ड्रोन के समूह यानी स्वार्म हमलों का मुकाबला करने में सक्षम है।
एच-क्यू-17ए-ई को अत्यधिक गतिशील पहिएदार और दुर्गम इलाकों में चलने वाले वाहन पर स्थापित किया गया है, जिससे इसे जरूरत के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना और तैनात करना आसान होता है। इसमें ठोस अवस्था वाला चरणबद्ध सरणी रडार, ऊर्ध्वाधर ठंडे प्रक्षेपण वाली मिसाइल प्रणाली, तीव्र मोड़ की क्षमता वाली प्रणाली और घूमने योग्य पिछला पंख जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। चीन के अनुसार, इन तकनीकों से तंत्र का प्रतिक्रिया समय कम होता है और यह दुश्मन के विद्युत-चुंबकीय युद्धक उपायों के बीच भी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है।
चीनी दावे के मुताबिक एच-क्यू-17ए-ई को चलते समय भी प्रक्षेपित किया जा सकता है और युद्ध क्षेत्र में अन्य वाहनों तथा प्रणालियों के साथ नेटवर्क के जरिए जोड़ा जा सकता है। एक एच-क्यू-17ए-ई वाहन पर आठ मिसाइलें ले जाई जा सकती हैं और यह एक साथ चार लक्ष्यों पर चार मिसाइलों को निर्देशित करने में सक्षम है। बहु-लक्ष्य अवरोधन की इस क्षमता के कारण इसे कम दूरी की वायु रक्षा के लिए महत्वपूर्ण तंत्र माना जा रहा है।

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