मसूरी में होटल के ऊपर गिरा सूखा पेड़, बाल-बाल बचे पर्यटक; माल रोड पर रात 3 बजे हुआ हादसा
मसूरी के माल रोड पर शनिवार देर रात बारिश के दौरान सूखा पेड़ टूटकर होटल सूर्य किरण की छत पर गिर गया। हादसे में होटल की छत, कार और सामान को नुकसान पहुंचा, जबकि होटल में ठहरे पर्यटक बाल-बाल बच गए।
मसूरी/उत्तराखंड। पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार देर रात बड़ा हादसा होने से टल गया। माल रोड पर रात करीब तीन बजे एक सूखा पेड़ अचानक टूटकर होटल सूर्य किरण की छत पर जा गिरा। पेड़ गिरने से होटल की छत क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि नीचे खड़ी कार और अन्य सामान भी इसकी चपेट में आ गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बताया गया कि बारिश के दौरान अचानक सूखा पेड़ टूट गया और माल रोड की प्राचीन लोहे की रेलिंग से टकराते हुए होटल सूर्य किरण की छत पर जा गिरा। होटल प्रबंधन के अनुसार, रेलिंग से टकराने के बाद पेड़ की दिशा कुछ हद तक बदल गई, जिसके चलते वह होटल के मुख्य हिस्से पर सीधे नहीं गिरा और बड़ा नुकसान होने से बच गया।
होटल स्वामी अजय भार्गव ने बताया कि पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर देर रात होटल में अफरा-तफरी मच गई। पेड़ के गिरने से होटल की छत को काफी नुकसान पहुंचा है। नीचे खड़ी कार और अन्य सामान भी पेड़ की चपेट में आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पेड़ होटल के कमरों या भवन के मुख्य हिस्से पर गिरता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हादसे के बाद मसूरी के माल रोड सहित अन्य पर्यटक क्षेत्रों में खड़े सूखे और जर्जर पेड़ों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई पुराने पेड़ों की जड़ें कमजोर हो चुकी हैं और लगातार बारिश तथा तेज हवाओं के दौरान इनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसे खतरनाक पेड़ों की जानकारी समय-समय पर नगर पालिका और वन विभाग को दी जाती रही है। लोगों का आरोप है कि पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया अनुमति संबंधी कारणों से आगे नहीं बढ़ पा रही है। उनका कहना है कि माल रोड मसूरी के सबसे व्यस्त पर्यटक क्षेत्रों में शामिल है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी कमजोर या सूखे पेड़ का अचानक गिरना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, माल रोड क्षेत्र में कई सूखे पेड़ों की जड़ें कमजोर हो चुकी हैं और उन्हें हटाया जाना जरूरी है। ऐसे पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण अब तक उन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं हो सकी है। नगर पालिका के मुताबिक, हाल ही में माल रोड क्षेत्र में पेड़ों की लॉपिंग भी कराई गई थी।
होटल पर पेड़ गिरने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए माल रोड सहित अन्य पर्यटक क्षेत्रों में खड़े सूखे और खतरनाक पेड़ों का सर्वे कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले से ही खतरनाक पेड़ों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
होटल स्वामी अजय भार्गव ने भी प्रशासन और वन विभाग से मसूरी के संवेदनशील क्षेत्रों में खतरनाक पेड़ों को चिन्हित कर उन्हें समय रहते हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने से भविष्य में संभावित बड़े हादसों को रोका जा सकता है।




